खबर की मुख्य बातें:

  • 2 जुलाई 2026 से पटना मेट्रो के पहले कॉरिडोर में मलाही पकड़ी और खेमनीचक दो नए स्टेशन जुड़ेंगे.
  • विस्तार के बाद मेट्रो का परिचालन 4.3 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा और कुल 5 स्टेशन चालू हो जाएंगे.
  • ₹15 से ₹30 तक के किराये में लोगों को तेज, आरामदायक और ट्रैफिक से राहत देने वाला सफर मिलेगा.

बिहार की राजधानी पटना के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! पटना मेट्रो के विस्तार का इंतजार अब खत्म हो चुका है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की घोषणा के अनुसार, 02 जुलाई 2026 को इस नए रूट का भव्य उद्घाटन किया जाएगा. अक्टूबर 2025 में शुरू हुए शुरुआती कॉरिडोर के बाद, यह पटना मेट्रो का अगला सबसे बड़ा कदम है. इस विस्तार से न सिर्फ यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि शहर के रियल एस्टेट सेक्टर को भी एक जबरदस्त बूस्ट मिलने जा रहा है.

राज्य सरकार ने घोषणा की है कि 2 जुलाई 2026 को पटना मेट्रो के पहले चरण का विस्तारित हिस्सा जनता के लिए शुरू किया जाएगा. इस विस्तार के तहत मलाही पकड़ी और खेमनीचक दो नए स्टेशन परिचालन में शामिल होंगे. इसके बाद मेट्रो का परिचालन क्षेत्र बढ़कर लगभग 4.3 किलोमीटर हो जाएगा और यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक सफर मिलेगा. यह विस्तार राजधानी के पूर्वी हिस्से में रहने वाले हजारों लोगों के लिए रोजाना की यात्रा को आसान बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

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अब इन 5 स्टेशनों तक पहुंचेगी मेट्रो सेवा

फिलहाल पटना मेट्रो की सेवा न्यू ISBT, जीरो माइल और भूतनाथ स्टेशनों तक सीमित थी. नए विस्तार के बाद इसमें मलाही पकड़ी और खेमनीचक भी जुड़ जाएंगे. खास बात यह है कि भविष्य में खेमनीचक स्टेशन को रेड लाइन के इंटरचेंज के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे यात्रियों को शहर के अन्य हिस्सों तक पहुंचने में और अधिक सुविधा मिलेगी. आगे चलकर ब्लू लाइन को पटना जंक्शन से न्यू ISBT तक करीब 16.2 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें कुल 12 स्टेशन शामिल होंगे. ध्यान देने वाली बात ये है कि भले ही मेट्रो खेमनीचक स्टेशन से होकर गुजरेगी लेकिन यहां रुकेगी नहीं. दरअसल इस स्टेशन पर निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है इसीलिए मेट्रो यहां पर नहीं रुकेगी. स्टेशन जब पूरी तरह बन जाएगा तब ये यात्रियों के लिए खुलेगा.

किराया, समय और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं

पटना मेट्रो का किराया फिलहाल आम लोगों की जेब को ध्यान में रखकर तय किया गया है. एक स्टेशन तक यात्रा करने पर ₹15 और पूरे परिचालन रूट पर सफर करने के लिए ₹30 का टिकट देना होगा. मेट्रो सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक चलेगी और प्रतिदिन लगभग 40 से 42 फेरे लगाएगी. तीन कोच वाली प्रत्येक ट्रेन में लगभग 945 यात्रियों के सफर की क्षमता होगी, जबकि बैठने के लिए 147 सीटें उपलब्ध रहेंगी. महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों के लिए सीटें आरक्षित रहेंगी. ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, इमरजेंसी इंटरकॉम और मधुबनी पेंटिंग से सजा आकर्षक इंटीरियर भी यात्रियों को बेहतर अनुभव देगा.

मुख्य बातें / सवालपूरी जानकारी (Details)
उद्घाटन की तारीख02 जुलाई 2026 (विस्तारित खंड की शुरुआत)
सक्रिय रूट की लंबाई4.3 किलोमीटर (न्यू ISBT से भूतनाथ, अब मलाही पकड़ी और खेमनीचक तक)
नए खुलने वाले स्टेशनमलाही पकड़ी और खेमनीचक
वर्तमान एक्टिव स्टेशनकुल 5 स्टेशन (न्यू ISBT, ज़ीरो माइल, भूतनाथ, मलाही पकड़ी, खेमनीचक)
मेट्रो का समय व फेरेसुबह 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक (हर 20 मिनट पर ट्रेन)
टिकट का किरायान्यूनतम ₹15 (एक स्टेशन के लिए), अधिकतम ₹30 (पूरे रूट के लिए)
ट्रेन की क्षमता3 कोच वाली ट्रेन (147 सीटें, कुल 945 यात्री क्षमता खड़े होकर)
प्रोजेक्ट की कुल लागतलगभग ₹13,365 करोड़ (अनुमानित बजट)

ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो विस्तार का सबसे बड़ा फायदा शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को मिलेगा. न्यू ISBT, जीरो माइल, कंकड़बाग, भूतनाथ और आसपास के क्षेत्रों में रोजाना भारी ट्रैफिक देखने को मिलता है. मेट्रो सेवा के विस्तार से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है, जिससे सड़कों पर भीड़ घटेगी और लोगों का यात्रा समय भी बचेगा. खासकर ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, छात्र और दूसरे शहरों से बस के जरिए पटना पहुंचने वाले यात्रियों के लिए यह परियोजना बड़ी राहत साबित हो सकती है.

रियल एस्टेट बाजार को भी मिल सकती है नई रफ्तार

मेट्रो स्टेशन के आसपास स्थित इलाकों में रियल एस्टेट गतिविधियां भी तेज होने लगी हैं. भूतनाथ, जीरो माइल, न्यू ISBT, मलाही पकड़ी और खेमनीचक के आसपास नए आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ती दिखाई दे रही है. बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से इन क्षेत्रों में संपत्ति की मांग और किराये की संभावनाएं मजबूत होने की उम्मीद है. विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के साथ इन इलाकों का व्यावसायिक महत्व भी लगातार बढ़ेगा.

13 हजार करोड़ से ज्यादा की परियोजना बदल देगी शहर की तस्वीर

पटना मेट्रो परियोजना की अनुमानित लागत 13,365 करोड़ रुपये है. यह बिहार की सबसे बड़ी शहरी परिवहन परियोजनाओं में शामिल है. सरकार का उद्देश्य आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है ताकि भविष्य में बढ़ती आबादी और ट्रैफिक दबाव का बेहतर तरीके से सामना किया जा सके. आगामी चरणों में भूमिगत और एलिवेटेड दोनों कॉरिडोर तैयार किए जाएंगे, जिससे पटना के विभिन्न हिस्सों के बीच यात्रा और अधिक तेज, सुविधाजनक और सुगम हो जाएगी.

मुख्य निष्कर्ष: पटना मेट्रो का जुलाई 2026 विस्तार राजधानी की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लेकर आने वाला है. दो नए स्टेशनों के जुड़ने से यात्रियों को तेज सफर, कम ट्रैफिक और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. साथ ही आसपास के इलाकों में रियल एस्टेट और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है.

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