Patna High Court Verdict : पटना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी महिला का सलवार उतारना और उसके सीने को दबाना स्वतः ही 'रेप के प्रयास' (IPC की धारा 376/511) के दायरे में नहीं आता, जब तक कि शारीरिक संबंध की दिशा में कोई स्पष्ट और निर्णायक कदम न उठाया गया हो। कोर्ट के अनुसार, ऐसे कृत्य भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 के तहत 'महिला की शालीनता और लज्जा को ठेस पहुंचाने' का गंभीर अपराध हैं। इस फैसले के बाद अदालत ने दोषी की सजा को धारा 376/511 से बदलकर धारा 354 में तब्दील कर दिया।

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क्या था ट्रायल कोर्ट का फैसला

यह मामला बिहार के एक स्थानीय इलाके का है, जहां आरोपी पर पीड़िता के घर में जबरन घुसकर हमला करने और यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था। निचली अदालत ने पीड़िता के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को आईपीसी की धारा 376 सहपठित धारा 511 (रेप का प्रयास) के तहत दोषी ठहराया था। आरोपी ने इस फैसले को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद पीठ ने आरोपी को धारा 376/511 के आरोपों से बरी कर दिया, लेकिन उसे धारा 354 के तहत दोषी माना। चूकि आरोपी पहले ही जेल में एक लंबी अवधि काट चुका था, इसलिए अदालत ने उसकी हिरासत अवधि को ही पर्याप्त सजा मानते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया।

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हाईकोर्ट की दलील, 'तैयारी' और 'प्रयास' में अंतर होना जरूरी

न्यायालय ने मामले की समीक्षा करते हुए टिप्पणी की कि किसी अपराध को अंजाम देने की 'तैयारी' और उस अपराध को करने के 'सच्चे प्रयास' में एक बहुत पतली लेकिन बेहद महत्वपूर्ण कानूनी रेखा होती है।अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि आरोपी ने महिला के कपड़े खींचे और उसके साथ अश्लील हरकतें कीं, लेकिन वहां ऐसी कोई स्थिति या मेडिकल साक्ष्य नहीं पाया गया जिससे यह साबित हो कि आरोपी ने रेप की कोशिश की, इसलिए, इसे धारा 376/511 के तहत एक गंभीर अपराध नहीं माना जा सकता, बल्कि यह स्पष्ट रूप से धारा 354 का मामला है।

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धारा 354 बनाम धारा 376/511 (IPC)

धारा 354 तब लगती है जब महिला की लज्जा और शालीनता को ठेस पहुंचाई जाए, इसमें आपराधिक बल का प्रयोग संभव है। यदि मंशा यौन उत्पीड़न की है, लेकिन संबंध बनाने का कोई सीधा प्रयास नहीं दिखता। वहीं, धारा 376/511 के तहत रेप करने का ऐसा प्रयास जो किसी बाहरी कारण से पूरा न हो सका हो। जब आरोपी अपराध करने की तैयारी से आगे बढ़कर 'अंतिम कृत्य' की ओर कदम बढ़ा दे।

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