Parliament Security Breach; Lalit Jha, नई दिल्ली/दरभंगा: संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले में शनिवार को इस वारदात के कथित मास्टरमाइंड ललित झा के परिवार ने आगे आकर प्रतिक्रिया दी है। ललित के पिता ने उसके गलत काम में शामिल नहीं होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा गलत नहीं हो सकता। वह हमेशा लोगों की मदद के लिए तैयार रहता है। यहां तक कि वह तीन बार रक्तदान भी कर चुका है। इसके अलावा ललित की मां ने भी मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी है। इस परिवार ने बेटे पर रहम के लिए अदालत से गुहार लगाने की बात भी कही है।
संसद हमले की 22वीं बरसी पर हुई थी हिंसक वारदात
गौरतलब है कि 13 दिसंबर बुधवार को 2001 के संसद भवन आतंकी हमले की 22वीं बरसी पर माहौल खराब करने की बड़ी साजिश सामने आई थी। वाकया उस वक्त का है, जब संसद के निचले सदन लोकसभा में शून्यकाल चल रहा था। इसी दौरान सागर शर्मा और मनोरंजन डी नामक दो युवक दर्शक दीर्घा फांदकर टेबल तक पहुंच गए। इन्होंने जैसे ही हाथ में पकड़ी एक केन से पीले रंग का धुआं छोड़ा, तुरंत सुरक्षा दस्ते ने दोनों को पकड़ लिया। इसके अलावा संसद भवन के बाहर भी नीलम देवी और अमोल शिंदे नामक आरोपियों ने कुछ वैसी ही शरारत की। इन्होंने भी अपने साथ लेकर आई कैमिकल की केन से लाल-पीला धुआं फैलाया, ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ के नारे लगाए। इन दोनों को भी पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पुलिस अब तक इन चारों के अलावा दो और को भी गिरफ्तार कर चुकी है। शुक्रवार तक गिरफ्तार किए जा चुके पांच लोगों ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया है कि वो संसद के भीतर आत्मदाह करने की मंशा लेकर पहुंचे थे।
गिरफ्तार किए गए 6 लोगों में शामिल है ललित झा
गिरफ्तार किए जा चुके 6 लोगों में बिहार के दरभंगा का ललित झा भी शामिल है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक संसद में हंगामे के आरो के निचले सदन में घुस आए संदिग्धों के हाथों से बरामद पर्चों में तिरंगे की पृष्ठभूमि में मुट्ठी की तस्वीर और मणिपुर हिंसा को लेकर नारे छपे थे। एक ओर इस घटनाक्रम के मास्टरमाइंड के रूप में ललित झा को देखा जा रहा है, वहीं शनिवार को उसके परिवार ने मीडिया के सामने आकर उसके गलत काम में शामिल होने की बात से इनकार किया है। दरभंगा में ललित झा के पिता देवानंद झा ने कहा कि उनका बेटा गलत कामों में शामिल नहीं हो सकता। वह हमेशा दूसरों की मदद करता है।
पिता बोले-कोर्ट में लगाएंगे गुहार
देवानंद झा ने कहा, ‘जैसा कि आप सभी देख सकते हैं, हमारे पास एक टीवी सेट भी नहीं है, मुझे अन्य लोगों के माध्यम से अपने बेटे की गिरफ्तारी के बारे में पता चला। मेरा बच्चा दुष्ट नहीं है। मेरा बेटा एक मेधावी छात्र था और वह किसी भी नापाक काम का हिस्सा नहीं बन सकता। जरूर कुछ गड़बड़ी हुई होगी। हम अदालत से हमारे बेटे पर रहम की गुहार लगाएंगे। उधर, उसकी मां मंजुला ने कहा, ‘वह गलत कामों में शामिल नहीं हो सकता। उसे हमेशा लोगों की मदद करना अच्छा लगता है। उसने तीन बार अपना रक्तदान किया है’।