Nitish Cabinet Expansion (अमिताभ कुमार ओझा) : लोकसभा चुनाव 2024 से पहले बिहार में नीतीश सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया। कैबिनेट विस्तर में भाजपा के कोटे से 12 और जेडीयू के कोटे से 9 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर यह मंत्रिमंडल विस्तार किया गया और जातीय समीकरण के आधार पर मंत्री बनाए गए हैं। एनडीए सरकार में 6-6 सवर्ण-दलित (SC), 4-4 अति पिछड़ा-पिछड़ा और एक मुस्लिम मंत्री बनाए गए हैं।
रेणु देवी : सबसे पहले रेणु देवी ने शपथ ग्रहण की। वे 2020 में एनडीए सरकार में डिप्टी सीएम बनी थीं। नोनिया जाति से आने वाली रेणु देवी अति पिछड़ा वर्ग की नेता हैं।
मंगल पांडेय : पार्टी ने एक बार फिर मंगल पांडेय को मंत्री बनाया। वे एनडीए की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे। वे ब्राह्मण समुदाय के बड़े चेहरे हैं।
नीरज कुमार बबलू : छतरपुर से विधायक नीरज कुमार बबलू दोबारा मंत्री बने हैं। उनका सीमांचल क्षेत्र में अच्छा खासा प्रभाव है।
अशोक चौधरी : नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले अशोक चौधरी एमएलसी हैं। वे एनडीए और महागठबंधन की सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
लेशी सिंह : लेशी सिंह पूर्णिया की धनदाहा सीट से विधायक हैं। वे तीसरी बार मंत्री बनी हैं।
बीजेपी नेताओं का जातीय समीकरण
रेणु देवी : अति पिछड़ा (नोनिया)
मंगल पांडेय : सवर्ण (ब्राह्मण)
नीतीश मिश्रा : सवर्ण (ब्राह्मण)
नीरज कुमार बबलू : सवर्ण (राजपूत)
नितिन नवीन : सवर्ण (कायस्थ)
दिलीप जायसवाल : पिछड़ा (वैश्य)
संतोष सिंह : सवर्ण (राजपूत)
जनक राम : दलित
केदार प्रसाद गुप्ता : पिछड़ा (वैश्य)
हरी सहनी : अति पिछड़ा (मल्लाह)
कृष्णनंदन पासवान : दलित (पासवान)
सुरेन्द्र मेहता : पिछड़ा (कुशवाहा)
JDU नेताओं का जातीय समीकरण
अशोक चौधरी : दलित
लेशी सिंह : सवर्ण (राजपूत)
महेश्वर हजारी : दलित (पासवान)
जयंत राज : पिछड़ा (कुशवाहा)
सुनील कुमार : दलित
जमा खान : मुस्लिम (पठान)
शीला मंडल : अति पिछड़ा (धानुक)
रत्नेश सदा : दलित (मुसहर)
मदन सहनी : अति पिछड़ा (मल्लाह)