बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के 50 वर्षीय बेटे निशांत कुमार रविवार को औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल हो गए. निशांत अपना सियासी सफर तब शुरू कर रहे हैं जब उनके पिता दो दशकों से ज्यादा समय तक सीएम रहने के बाद राज्यसभा जाने की तैयारी कर रहे हैं. नीतीश कुमार ने 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया है. उनके राज्यसभा जाने के बाद बिहार का मुख्यमंत्री पद भाजपा के खाते में जाने की चर्चा है.

सियासी गलियारे में चर्चा यह भी है कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद उनके बेटे निशांत को राज्य का डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है.

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निशांत के शामिल होने के समारोह में पार्टी के लिए वरिष्ठ सदस्य शामिल हुए. इस मौके पर निशांत ने कहा, 'मैं सभी का शुक्रिया अदा करता हूं. आप सभी ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, मैं उस पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा. मुझे, पूरे बिहार और पूरे देश को मेरे पिता ने पिछले 20 सालों में जो किया है, उस पर गर्व है.'

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राज्यसभा जाने के अपने फैसले पर नीतीश कुमार ने कहा था कि उनकी लंबे समय से संसद के दोनों सदनों और राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सदस्य बनने की इच्छा थी. वह पहले लोकसभा सांसद, विधायक और एमएलसी रह चुके हैं, और राज्यसभा जाने से उनकी यह इच्छा पूरी हो जाएगी.