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जेडीयू में सब ठीक है? बिहार CM नीतीश कुमार के खासमखास केसी त्यागी ने दिया इस्तीफा

Bihar KC Tyagi Resign: बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी के जहानाबाद में भूमिहार समुदाय को लेकर दिए गए बयान के बाद जेडीयू में दो फाड़ की स्थिति बन गई है। बिहार में भूमिहार समाज के नेताओं ने अशोक चौधरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

केसी त्यागी 1977 के दौर में नीतीश कुमार से बड़े नेता माने जाते थे, पिछड़े वर्ग की राजनीति में समय के साथ त्यागी पीछे छूट गए जबकि नीतीश कुमार आगे बढ़ गए।
KC Tyagi Resign: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी केसी त्यागी ने जेडीयू का प्रवक्ता पद छोड़ दिया है। नीतीश कुमार ने राजीव रंजन को पार्टी का नया राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया है। केसी त्यागी ने अपने इस्तीफे में प्रवक्ता पद छोड़ने के लिए निजी कारणों का हवाला दिया है। बता दें कि 2024 के चुनावों से पहले नीतीश कुमार के इंडिया गठबंधन से अलग होने के समय केसी त्यागी ने मजबूती से नीतीश कुमार का पक्ष रखा था। लेकिन लोकसभा चुनाव परिणाम के ठीक 3 महीने बाद केसी त्यागी का इस्तीफा चौंकाने वाला है। केसी त्यागी समाजवादी सियासत की पृष्ठभूमि से हैं और पश्चिमी यूपी से उनका ताल्लुक है। नीतीश कुमार के साथ उनका संबंध लंबे समय से है। लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार बिहार में मजबूत बनकर उभरे हैं और केंद्र सरकार में जेडीयू की बड़ी भूमिका है। ये भी पढ़ेंः लोजपा (R) की ये कमजोरी चिराग को ले डूबेगी? चाचा पारस के एक्टिव होने से भड़की चिंगारी साल 1974 में चौधरी चरण सिंह के नेतृत्व में लोकदल की स्थापना के समय से ही केसी त्यागी समाजवादी विचारधारा की पार्टी के संगठन में ऊंचे पदों पर रहे हैं। वीपी सिंह की लहर में केसी त्यागी 1989 में लोकसभा के लिए चुने गए। हालांकि ये लोकसभा 16 महीने में ही भंग हो गई। इसके बाद केसी त्यागी तीन साल के लिए 2013 में राज्यसभा के लिए भेजे गए। कम्युनिस्ट पार्टी की सियासत से समाजवादी पार्टी का रुख करने वाले केसी त्यागी 1977 के दौर में भी नीतीश कुमार से बड़ा प्रभाव रखते हैं। 1997 के युवा तुर्कों में उनका नाम शरद यादव के समानांतर लिया जाता था। त्यागी ने इमरजेंसी के समय मुखरता से आवाज उठाई। नीतीश कुमार से है खास रिश्ता लोकसभा चुनाव 2024 से पहले नीतीश कुमार ने इंडिया गठबंधन छोड़ दिया। नीतीश के फैसले को लेकर तमाम बातें हुईं लेकिन केसी त्यागी नीतीश के साथ खड़े रहे और अपने नेता के साथ पार्टी का पक्ष भी मीडिया के सामने रखा। बता दें कि 2019 के चुनाव के बाद की राजनीति में केसी त्यागी जेडीयू में किनारे लगा दिए गए थे, लेकिन आरजेडी का साथ छोड़ दोबारा एनडीए का रुख करने से पहले नीतीश कुमार ने केसी त्यागी को दिल्ली में एक्टिव किया था, उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर जिम्मेदारी दी गई। और ऐसा तब हुआ जब बीते कुछ सालों में नीतीश कुमार के करीबी उन्हें छोड़ दूसरी पार्टियों में चले गए। जैसे कि आरसीपी सिंह... ये भी पढ़ेंः प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान- बिहार की सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी जन सुराज बता दें कि अगस्त 2024 के दूसरे पखवाड़े में नीतीश कुमार के निर्देश पर जेडीयू की नई प्रदेश कमेटी घोषित की गई है। इस प्रदेश कमेटी में 10 उपाध्यक्ष, 49 महासचिव, 46 सचिव, 9 प्रवक्ता और एक कोषाध्यक्ष बनाए गए हैं। उधर बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी के जहानाबाद में भूमिहार समुदाय को लेकर दिए गए बयान के बाद जेडीयू में दो फाड़ की स्थिति बन गई है। बिहार में भूमिहार समाज के नेताओं ने अशोक चौधरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अशोक चौधरी को भी नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है। बिहार की राजनीति और तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच पूरे देश की निगाहें नीतीश कुमार पर हैं।


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