Tej Pratap Yadav Sent To Judicial Custody: जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को पटना के गांधी मैदान में हुए NEET-UG विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. ये मामला कथित नीट पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शनों से जुड़ा है, जिसके कारण पूरे बिहार में विरोध-प्रदर्शन हुए थे. साथ ही तेज प्रताप यादव ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके से बिहार में आंदोलन करने की अपील की थी.
वकील ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाए
तेज प्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने दावा किया कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया में गड़बड़ी थी. उनके मुताबिक, एफआईआर 26 जुलाई को दर्ज की गई थी, जबकि यादव को 25 जुलाई की शाम पटना के एक शॉपिंग मॉल से हिरासत में लिया गया था. वकील ने कहा कि उन्होंने अदालत से अपने मुवक्किल को रिहा करने की अपील की, लेकिन उन्हें सोमवार, 27 जुलाई को औपचारिक जमानत अर्जी दाखिल करने की सलाह दी गई. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि परिवार को गिरफ्तारी के बारे में जानकारी नहीं दी गई और उन्हें एफआईआर की कॉपी भी नहीं मिली.
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क्यों हिरासत में लिया गया?
बिहार पुलिस ने तेज प्रताप यादव को तब हिरासत में लिया जब वो कथित NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ी का विरोध कर रहे छात्रों के समर्थन में आयोजित 'बिहार बंद' में शामिल हुए थे. इस विरोध प्रदर्शन का मकसद कथित पेपर लीक के लिए जवाबदेही तय करना और एग्जाम सिस्टम में सुधार की मांग करना था. साथ ही उन्होंने सीजेपी नेता अभिजीत दीपके से अपील की थी कि वो बिहार आकर आंदोलन करें और मौजूदा सम्राट चौधरी सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करें.
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पार्टी नेताओं ने की आलोचना
तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी पर रिएक्शन देते हुए, JJD की बांकीपुर उपचुनाव उम्मीदवार वीणा मानवी ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की और इसकी टाइमिंग पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार शुरू होने के बाद से ही पार्टी नेताओं पर लगातार दबाव डाला जा रहा था. उनके मुताबिक, अगर अधिकारियों को लगता था कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कोई अपराध हुआ है, तो यादव को बाद में उनके परिवार के साथ रहने के दौरान हिरासत में लेने के बजाय तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए थी.
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छात्रों की मांग जायज: तेज प्रताप
हिरासत में लिए जाने से पहले तेज प्रताप यादव ने विरोध कर रहे छात्रों के प्रति अपना समर्थन दोहराया. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें जायज हैं और सरकार से उनकी चिंताओं पर ध्यान देने की अपील की. उन्होंने ये भी कहा कि वह युवाओं के आंदोलन में उनके साथ खड़े रहेंगे.
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बिहार बंद के दौरान हिंसा की खबर
ये गिरफ्तारी बिहार बंद के दौरान हुई झड़पों के बाद हुई. खबरों के मुताबिक, ट्रैफिक पुलिस बूथ को नुकसान पहुंचाया गया, प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पथराव किया और पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया. पटना में कई पुलिस वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई, जिसके बाद पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई.
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