'हम लोग किसी भी हालत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दिल्ली नहीं जाने देंगे. जरूरत पड़ी तो अपनी जान भी दे देंगे', यह चेतावनी दी जदयू के प्रदेश महासचिव अमरेंद्र दास त्रिलोक ने. उन्होंने पटना में मुख्यमंत्री आवास के ठीक बाहर आमरण अनशन शुरू कर दिया है. उन्होंने हाथ में बैनर लिए नीतीश कुमार से बिहार न छोड़ने की गुहार लगाई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन के बाद JDU कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है.
इससे पहले बीते दिन पूरे बिहार में जदयू कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया था. कई जगहों पर पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की गई. नाराज कार्यकर्ताओं ने एमएलसी संजय गांधी की गाड़ी को घेर लिया और सीएम हाउस के सामने जमकर नारेबाजी हुई, पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है.
---विज्ञापन---
बिहार नीतीश कुमार का परिवार
जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी हुई, उन पर भाजपा से मिले होने का आरोप लगाया गया. कार्यकर्ताओं का कहना है कि नीतीश कुमार के साथ राजनीतिक साजिश की गई है. कार्यकर्ताओं ने सीधा आरोप लगाया कि यह जनता के जनादेश और नीतीश कुमार के आत्मसम्मान का हनन है. 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में तो नीतीश कुमार के चेहरे पर वोट दिया गया था. जनता ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया है, इसलिए बिहार छोड़कर दिल्ली जाना अन्याय है. वे चिल्ला-चिल्लाकर कह रहे हैं - "बिहार नीतीश कुमार का परिवार है, वह जनता को छोड़कर कैसे जा सकते हैं?
---विज्ञापन---
कार्यालयों के बाहर सुरक्षा बढ़ी, पोस्टरों से पट गया पटना
बढ़ते तनाव को देखते हुए पटना स्थित JDU और BJP प्रदेश कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. JDU दफ्तर के बाहर बड़े-बड़े पोस्टर चस्पा किए गए हैं, जिनमें नीतीश कुमार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है. समर्थकों का कहना है कि बिहार की जनता इस 'छल' का बदला नरेंद्र मोदी से लेगी और वे चुप नहीं बैठेंगे. पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के निर्देश पर सीएम हाउस और जदयू प्रदेश कार्यालय के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं.