बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने रविवार को पांच सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं. पार्टी ने साफ किया है कि वह सभी आठ सीटों पर चुनाव मैदान में उतरेगी. बाकी तीन सीटों के प्रत्याशियों के नाम भी जल्द घोषित किए जाएंगे.
जन सुराज की ओर से घोषित उम्मीदवारों में पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दिव्य ज्योति, सारण शिक्षक सीट से अफाक अहमद, कोसी स्नातक क्षेत्र से रजनीश रंजन, दरभंगा शिक्षक क्षेत्र से सुरेश प्रसाद राय और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रवींद्र कुमार यादव को प्रत्याशी बनाया गया है. ये सीटें स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के तहत आती हैं.
युवाओं को रोजगार देने के लिए काम करेंगे- प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने उम्मीदवारों के ऐलान के दौरान कहा कि जिस निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज का प्रत्याशी जीत दर्ज करेगा, वहां पार्टी 10 हजार पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार देने की दिशा में काम करेगी. उन्होंने बताया कि बाकी तीन सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा चार दिनों में की जाएगी. इससे पार्टी के सभी आठ निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ने की योजना साफ हो गई है.
बिहार विधान परिषद की जिन आठ सीटों पर चुनाव होना है, उनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं. स्नातक वर्ग में पटना, दरभंगा, कोसी और तिरहुत सीटें हैं, जबकि शिक्षक वर्ग में पटना, दरभंगा, सारण और तिरहुत सीटें आती हैं. मौजूदा विधान पार्षदों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को खत्म होगा.
पटना स्नातक सीट पर उम्मीदवार के नाम का इंतजार
जन सुराज की ओर से पटना स्नातक सीट के लिए अभी उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की गई है. इस सीट को लेकर पार्टी के भीतर मंथन जारी है. प्रशांत किशोर ने कहा है कि जल्द ही पटना स्नातक सीट के प्रत्याशी के नाम का ऐलान किया जाएगा. इस सीट पर पहले से ही राजनीतिक हलचल बढ़ी हुई है. जेडीयू की तरफ से नीरज कुमार का नाम चर्चा में है, वहीं अनंत सिंह ने नीरज कुमार के मुकाबले डॉ. अनुज सिंह को समर्थन देने की बात कही है. ऐसे में जन सुराज के उम्मीदवार के सामने आने के बाद चुनावी मुकाबले की स्थिति और साफ होने की उम्मीद है.
प्रशांत किशोर ने शिक्षकों के संगठनों को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि शिक्षक संघ अलग-अलग गुटों में बंटे हुए हैं. उन्होंने कहा, शिक्षकों की समस्याओं का स्थायी समाधान तभी संभव है, जब बिहार की शिक्षा व्यवस्था की कमियों को दूर किया जाए. जन सुराज का कहना है कि सभी शिक्षक संगठनों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा. इसके लिए एक समिति गठित करने की बात भी कही गई है, जो इस दिशा में काम करेगी.
शिक्षकों से जुड़े तीन बड़े वादे
जन सुराज ने शिक्षकों के मुद्दे पर तीन प्रमुख घोषणाएं की हैं. पार्टी का पहला वादा शिक्षकों के लिए सातवां वेतनमान लागू कराने का है. दूसरा, वित्त रहित शिक्षकों के समायोजन और उनकी लंबित समस्याओं का समाधान किया जाएगा. तीसरे वादे के तहत शिक्षकों को चुनावी ड्यूटी के अलावा अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में नहीं लगाए जाने की बात कही गई है.