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नेपाल में भारी बारिश का कहर, 112 की मौत, बिहार के लिए अगले 72 घंटे खतरा, 8 नदियां खतरे के निशान के पार

Kosi Flood in Bihar: कोसी और गंडक में भयंकर पानी ने 20 जिलों में बाढ़ के हालात बना दिए हैं। कोसी बराज के सभी 56 फाटक खोल दिए गए हैं। प्रशासन ने अगले 72 घंटे चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं। नेपाल में बागमती नदी का बांध टूटने से स्थानीय इलाकों में पानी भर गया है।

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नेपाल में भारी बारिश के चलते बिहार के 20 जिलों में खतरा बरकरार। फोटोः @withLoveBihar

Kosi Flood in Bihar: नेपाल में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। बारिश के चलते 112 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 64 अन्य लापता हैं। नेपाल पुलिस ने काठमांडू और अन्य स्थानों पर भारी बारिश के चलते लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। काठमांडू पोस्ट के मुताबिक 1970 के बाद पहली बार काठमांडू वैली में इतनी बारिश हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले तीन दिनों से नेपाल में भारी बारिश हो रही है। इसके चलते भूस्खलन और बाढ़ के हालात बन गए हैं। नेपाल के गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि रविवार को रात के 10.30 बजे तक 99 लोगों की मौत हुई है, जबकि 68 लोग लापता हैं, जबकि 100 लोग घायल हुए हैं।

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नेपाल के किन जिलों में कितनी मौतें

दूसरी ओर काठमांडू पोस्ट के डाटा के मुताबिक ललितपुर में 20, धेडिंग में 15, कावरे में 34, काठमांडू में 12, मकवानपुर में 7, भक्तापुर और पंचथर में 5-5, सिंधुपालचौक में 4, दोलाखा में 3, धानकुटा और सोलूखुम्बू में 2-2 लोगों की मौत हुई है। वहीं रामेछाप, महोत्तरी और सुनसरी जिले में 1-1 व्यक्ति की मौत हुई है। इन्हीं इलाकों से 68 लोगों के लापता होने की खबर है।

नेपाल में भारी बारिश से मध्य और पूर्वी जिले खासतौर पर प्रभावित हैं। काठमांडू वैली में सबसे ज्यादा 37 लोगों की मौत हुई है। काठमांडू को जोड़ने वाली सभी सड़कें और रोड बंद कर दिए गए हैं। स्कूल-कॉलेज बंद हैं।

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बिहार के 20 जिलों में अलर्ट

नेपाल में भारी बारिश और दोनों बराजों से रिकॉर्ड पानी के डिस्चार्ज से बिहार के सीमांचल में कोसी-गंडक ने रौद्र रुप धारण कर लिया है। चंपारण से किशनगंज और सुपौल से कटिहार तक बिहार के 20 जिलों में बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गए हैं। स्थिति ऐसी है कि कोसी में 56 साल बाद 6.02 लाख और गंडक में 21 साल बाद 5.57 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। भारी बारिश के चलते उत्तर बिहार की सभी नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। अगले 72 घंटे तक निगरानी के लिए जनसंसाधन विभाग ने वॉर रूम बनाया है।

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गंगा सहित आठ नदियां खतरे के निशान के ऊपर

बिहार में आठ नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। गंगा, गंडक, कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक, कमला बलान, ललबकिया, महानंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान ऊपर बह रहा है। वहीं नेपाल के रौतहट जिले के करवाना और धर्मपुर में बागमती नदी का बांध टूट गया है। इससे पास के दर्जनों गांवों में पानी फैल गया है।

बिहार में भारत-नेपाल सड़क बंद

कोसी बराज के सभी 56 फाटक खोल दिए गए हैं। बाढ़ का पानी बराज की सड़क पर चढ़ गया है। अधिकारियों ने बताया कि बराज का गेट नंबर 19 पूरी तरह से खुला नहीं है। इसलिए पानी सड़क पर फैल गया है। नेपाल प्रशासन ने भारत-नेपाल सड़क बंद कर दी है। जल संसाधन विभाग ने बिहार के 20 जिलों- गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण, वैशाली, शिवहर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, मधुबनी, दरभंगा, खगड़िया, भागलपुर के प्रशासन को अलर्ट करते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा है।

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