बिहार के गया रेलवे जंक्शन पर अपराध नियंत्रण को लेकर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन सतर्क’ के तहत रेल पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. पुलिस ने जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर एक संदिग्ध यात्री को रोका और जब उसके पिट्ठू बैग की तलाशी ली, तो भीतर का नजारा देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए. बैग से करीब 14.835 किलोग्राम चांदी के गहने और टुकड़े बरामद किए गए, जिनकी बाजार में कीमत लगभग 36 लाख रुपये आंकी गई है.
रेल थाना प्रभारी बनारसी यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम प्लेटफॉर्म, सर्कुलेटिंग एरिया और यार्ड में नियमित गश्त कर रही थी. इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर एक युवक पीठ पर भारी बैग टांगकर तेजी से बाहर की ओर निकलता दिखा. उसकी हड़बड़ाहट और चाल-ढाल देखकर जवानों को संदेह हुआ और उसे रोक लिया गया.
पूछताछ के दौरान युवक से जब बैग में मौजूद चांदी के बिल, जीएसटी रसीद और परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका. इसके बाद पुलिस ने उसे फौरन हिरासत में ले लिया और माल जब्त कर थाने ले आई.
आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल के दासपुर थाना क्षेत्र निवासी जमशेद अली मलिक के रूप में हुई है. प्राथमिक पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह गया से यह चांदी खरीदकर बेचने के इरादे से पश्चिम बंगाल ले जा रहा था.
रेल थाना प्रभारी ने बताया कि यह सीधे तौर पर टैक्स चोरी और अवैध तस्करी का मामला है. बिना वैध बिल और अनुमति के इतनी बड़ी मात्रा में कीमती धातु ले जाना गैरकानूनी है. मामले की आधिकारिक जानकारी आयकर विभाग को दे दी गई है, ताकि टैक्स चोरी के पहलू से जांच की जा सके. वहीं, रेल पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गया में यह चांदी उसे किसने सौंपी थी और इस गिरोह के तार कहां तक जुड़े हैं.