बिहार चुनाव को लेकर तैयारियों जोरों पर चल रही हैं, सभी पार्टियां चुनाव प्रचार में लगी हुई हैं, इस बीच पार्टियों के अंदर नेताओं के बीच चल रहे मनमुटाव की खबरें में जमकर सामने आ रही हैं.. टिकट बंटवारे से नाराज छपरा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने इस्तीफा दे दिया है.
जानकारी के अनुसार, छपरा में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बच्चू प्रसाद बीरू ने पद और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. बताया जा रहा है कि वह टिकट बंटवारे को लेकर नाराज थे. ऐसे में उन्होंने अपना पद छोड़ दिया और पार्टी की सदस्यता भी छोड़ दी है. चुनाव से पहले जिलाध्यक्ष का इस्तीफा कांग्रेस के लिए सिरदर्द साबित हो सकता है.
बच्चू प्रसाद बीरू ने अपने इस्तीफे को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को भेज दिया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि महागठबंधन में कांग्रेस के साथ लगातार भेदभाव हो रहा है और सारण जैसे महत्वपूर्ण जिले की उपेक्षा की गई है. बीरू ने पत्र में लिखा है कि सारण जिले के दस विधानसभा क्षेत्रों में से किसी एक से भी कांग्रेस को टिकट नहीं दिया गया. उनका कहना था कि साल 2020 के चुनाव में भी स्थिति कुछ ऐसी ही थी और इस बार तो पार्टी को ही नजरअंदाज कर दिया गया है.
उनका कहना था कि यही वजह है कि जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में इसको लेकर भारी नाराजगी है. उन्होंने आरोप लगाया कि महागठबंधन में दलित, अल्पसंख्यक और अतिपिछड़ा वर्ग की भी घोर उपेक्षा की गई है.
बिहार चुनाव दिलचस्प मोड़ पर है, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पांचवीं बार सत्ता में आने की कोशिश में हैं, उन्होंने मंगलवार को मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर विधानसभा क्षेत्र में अपनी पहली चुनावी रैली को संबोधित किया. उन्होंने लिखा कि राजद से उनका मोहभंग हो गया है और उन्होंने एनडीए के साथ बने रहने का संकल्प लिया है.
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया सोमवार (20 अक्टूबर, 2025) को समाप्त हो गई और चुनाव लड़ रही सभी पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा का अंतिम दौर पूरा कर लिया.है प्रशांत किशोर ने मंगलवार (21 अक्टूबर, 2025) को आरोप लगाया कि बिहार चुनाव में उनकी जन सुराज पार्टी के तीन उम्मीदवारों ने भाजपा के दबाव में अपना नामांकन वापस ले लिया. उन्होंने कहा कि जिन उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लिया है, वे दानापुर, ब्रह्मपुर और गोपालगंज सीटों से चुनाव लड़ रहे थे.