बिहार में NDA की हारी 26 सीटें अब चिराग के खाते में, बिहार चुनाव में लोजपा रामविलास की अग्निपरीक्षा

Chirag Paswan LJPR 29 seats anyalsis: बिहार विधानसभा चुनाव में असली अग्निपरीक्षा इस बार चिराग पासवान की होगी, जिन्हें एनडीए ने 29 ऐसी सीटें दी हैं, जिनमें से 26 सीटों पर पिछले चुनाव में उनके सहयोगी दलों के उम्मीदवार हारे थे.

Chirag Paswan

चिराग पासवान के आवास पर बिहार बीजेपी नेता के साथ ही केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और विनोद तावड़े

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Chirag Paswan LJPR 29 seats anyalsis: चिराग पासवान के चुनावी स्ट्राइक रेट की असली अग्निपरीक्षा इस बार होनी है.NDA में चिराग पासवान ने 29 सीटें तो हासिल कर ली हैं,लेकिन भाजपा और जदयू ने अपनी 26 हारी हुई सीटें चिराग को थमा दी हैं.जदयू की कुछ सीटिंग सीटें चिराग को मिली थी,जिसे जदयू वापस ले चुका है.अब भाजपा- जदयू की सिर्फ दो सीटिंग यानी जीती हुई सीटें ही चिराग के खाते में हैं.एक सीट बोचहा, VIP ki सीटिंग है जो पिछली बार NDA के साथ था. भाजपा ने अपनी सिर्फ एक सीटिंग सीट गोविंदगंज, लोजपा को दी है.यहां से लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी चुनाव लड़ रहे हैं.वहीं जदयू ने अपनी सिर्फ एक सीटिंग सीट परबत्ता,चिराग को दी है.यह सीट भी जदयू ने चिराग को इसलिए दी है क्योंकि जदयू के विधायक संजीव सिंह पाला बदलकर राजद के उम्मीदवार बन चुके हैं. वहां जदयू के पास अब कोई बेहतर विकल्प नहीं था, लिहाजा वो चिराग के लिए छोड़ दिया.

सिर्फ दो सीट,सुगौली और नाथनगर कम अंतर से हारे

NDA की हारी हुई 26 सीटें जो चिराग को दी गई हैं उनमें सिर्फ दो सीट,सुगौली और नाथनगर ही लगभग एक हजार के कम अंतर से हारे थे, शेष सभी 24 सीट NDA बड़े अंतर से हारा था. भाजपा की फतुहा जैसी कुछ ऐसी सीटें भी हैं जो भाजपा पिछले कई बार से हारता रहा है.ऐसी ही लगातार हारने वाली कुछ सीटें भी जदयू ने चिराग के लिए छोड़ दी हैं. ऐसे में अपने स्ट्राइक रेट को बरकरार रखना चिराग पासवान के लिए इस बार बड़ी चुनौती है.

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2020 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों को पहले देखें

बिहार में 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान की पार्टी लोजपा ने एनडीए से अलग होकर 136 सीटों पर चुनाव लड़ा था. अधिकतर उम्मीदवार जेडीयू प्रत्याशियों के खिलाफ उतारे थे. इससे एनडीए का वोट बैंक बंटा और जेडीयू ने 27 सीटें गंवाईं और नीतीश की पार्टी की सीटें 71 से घटकर 43 हो गई थीं. दोबारा यही स्थिति बनी तो जेडीयू को फिर 20 से 30 सीटों का नुकसान हो सकता है. चिराग पासवान को साथ रखना जरूरी है. उनके हटने से न सिर्फ वोट बैंक का नुकसान होगा, बल्कि आंतरिक कलह भी बढ़ सकती है, जिसका फायदा विपक्ष को मिलेगा.

2024 लोकसभा चुनाव में लोजपा ने सभी 5 सीटें जीतीं

चिराग पासवान की पार्टी लोजपा को 2024 लोकसभा चुनाव में एनडीए ने पांच सीटें दी थीं, जिसमें पार्टी ने सभी पांच सीटों पर जीत हासिल कर अपनी ताकत का अहसास करवाया था. यह पांच सीटें NDA की कुल 30 सीटों में महत्वपूर्ण हैं. चिराग पासवान अब उन्हीं लोकसभा क्षेत्र के तहत आते विधानसभा क्षेत्र की टिकटें मांग रहे हैं. सूत्र बताते हैं चिराग ने 35 सीटें मांगी हैं, लेकिन भाजपा उन्हें 25 सीटें ऑफर कर रही है. अगर वे हटते हैं तो NDA को बहुमत का आंकड़ा 122 सीटों के लिए अलग विकल्प तलाशने होंगे.

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