बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा के दूसरे दिन अररिया पहुंचे. इस दौरान उन्होंने जिले में कई विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने मंच से विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार लगातार विकास और जनकल्याण के कार्य कर रही है.

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का जिक्र किया. इसी दौरान उनकी जुबान फिसल गई और उन्होंने राबड़ी देवी को लालू प्रसाद यादव की “बेटी” कह दिया, जबकि राबड़ी देवी उनकी पत्नी हैं.

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मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं. विपक्षी दलों का कहना है कि इतने वरिष्ठ नेता से इस तरह की गलती चौंकाने वाली है, वहीं कुछ लोग इसे सिर्फ जुबान फिसलने की घटना बता रहे हैं.

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अपने संबोधन में नीतीश कुमार ने कहा कि पहले की सरकार में महिलाओं के लिए कोई ठोस काम नहीं हुआ. उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार बनने के बाद महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं. सरकारी नौकरियों से लेकर नगर निकाय चुनावों तक महिलाओं को आरक्षण देकर उन्हें आगे बढ़ाने का काम किया गया है.

हालांकि अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ जुबान फिसलने की एक सामान्य घटना थी, या फिर मुख्यमंत्री के इस बयान के पीछे कोई और वजह है? क्या इतने अनुभवी नेता से इस तरह की गलती होना सामान्य माना जाए, या इसे गंभीरता से देखने की जरूरत है?