BPSC Protest: धक्का मुक्की, हाथापाई, खींचतान...प्रशांत किशोर को डिटेन करने रात 3 बजे आई 10 थानों की पुलिस

Prashant Kishor Latest Update: प्रशांत किशोर को पुलिस ने डिटेन कर लिया है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है। 4 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे प्रशांत किशोर की तबियत बिगड़ रही थी। डॉक्टरों की चेतावनी के बावजूद उन्होंने हड़ताल जारी रखी, इसलिए पुलिस ने फैसला लिया।

Prashant Kishor

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Prashant Kishor Hunger Strike Update (अमिताभ ओझा): बिहार के पटना जिले में गांधी मैदान में पिछले 4 दिन से आमरण अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी दिखाकर पटना की सिविल कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। SDJM कोर्ट ने जमानत देते हुए कंडीशन लगाई कि प्रशांत किशोर किसी भी प्रतिबंधित क्षेत्र मे दोबारा ऐसा काम नहीं करेंगे। इसके साथ ही उन्हें 25 हजार का बेल बांड भरने को कहा गया, लेकिन प्रशांत किशोर कंडीशन मानने को तैयार नहीं हैं। यदि वे कंडीशन नहीं मानेंगे तो फिर कोर्ट उन्हें जेल भेज सकता है।

बता दें कि आज 6 जनवरी दिन सोमवार की अलसुबह लगभग साढ़े 3 बजे गांधी मैदान पहुंचकर पुलिस ने उन्हें हिरासत मे लिया और अस्पताल में भर्ती कराया। इस दौरान पुलिस और प्रशांत किशोर के समर्थकों के बीच झड़प भी हुई, लेकिन पूरी तैयारी के साथ पहुंची पुलिस ने प्रशांत किशोर को गांधी मूर्ति के पास से जबरन उठाकर एम्बुलेंस मे रखा। इसके बाद विरोध करने वाले अनशनकारियों को भी वहां से हटा दिया गया। इससे पहले रविवार देरशाम को डॉक्टरों की टीम ने प्रशांत किशोर के स्वास्थ्य की जांच की थी और उन्हें अनशन करने से मना किया था, लेकिन वह नहीं माने तो पुलिस ने देररात उन्हें डिटेन कर लिया।

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डॉक्टर ने बताया कि अभी स्थिति ठीक है, लेकिन भूखे रहने से उनके शरीर में यूरिया का लेवल थोड़ी बढ़ गया है और शुगर लेवल ऊपर नीचे हो रहा है। डॉक्टर ने प्रशांत किशोर से आग्रह किया कि वह सॉलिड और लिक्विड डाइट लेना शुरू करें, नहीं तो स्थिति बिगड़ सकती है, लेकिन प्रशांत किशोर ने डॉक्टर की बात अनसुनी की, इसलिए पुलिस ने एक्शन लेने का फैसला लिया।

 

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नोटिस देने के बावजूद नहीं हटाया धरना

पटना जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर ने बताया कि जन सुराज पार्टी के अध्यक्ष प्रशांत किशोर एवं कुछ अन्य लोगों के द्वारा 5 सूत्री मांगों को लेकर प्रतिबंधित क्षेत्र गांधी मैदान में गांधी मूर्ति के समक्ष अवैध ढंग से धरना दिया जा रहा था। प्रशासन द्वारा वहां से हटकर धरना देने के लिए निर्धारित स्थल गर्दनीबाग में जाने के लिए नोटिस दिया गया था, लेकिन बार-बार नोटिस जारी करने के बाद भी प्रशांत किशोर यहां से नहीं हटे, जिसके बाद कार्रवाई की गई।

43 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें कई लोग दूसरे जिलों के, जबकि चार लोग दिल्ली के हैं। इन सभी का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। 15 गाड़ियां गांधी मैदान से जब्त की गई हैं। इनके अलावा रास्ते में पुलिस का पीछा कर रही 6 गाड़ियों को भी जब्त किया गया है। प्रशांत किशोर की वैनिटी वैन को डीटीओ ऑफिस भेजा गया है, उसकी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई से पहले आज 6 जनवरी की सुबह करीब साढ़े 3 बजे प्रशांत किशोर को गांधी मैदान से डिटेन करके पहले अस्पताल ले जाया गया, फिर उन्हें गिरफ्तार किया गया। यह जानकारी दी।

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एम्स में भर्ती कराए गए प्रशांत किशोर

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रशांत किशोर को एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जब पुलिस गांधी मैदान पहुंची तो धरनारत लोग कंबल ओढ़कर सो रहे थे। बीच में प्रशांत किशोर और रिटायर्ड IPS अधिकारी अरविन्द ठाकुर सो रहे थे। पुलिस की एक टीम ने प्रशांत किशोर को उठाया। यह देखते ही सभी खड़े हो गए और उन्हें रोकने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने प्रशांत किशोर से सहयोग करने को कहा।

इस दौरान उनके समर्थक पुलिस वालों से भिड़ गए। प्रशांत किशोर ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और सहयोग करने की अपील की। साथ ही यह कहा कि हम विरोध जारी रखेंगे। जो कर रहे हैं, करते रहेंगे। जन सुराज पार्टी 7 जनवरी को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करेगी। मेरा सिर्फ गला खराब है, बाकी तबियत ठीक है। डॉक्टरों सोने के लिए कहा है, इतनी जल्दी बीमार होने वाला नहीं हूं।

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समर्थकों के प्रशांत को परेशान करने के आरोप

गांधी मैदान में 2 जनवरी से आमरण अनशन पर बैठे जन सुराज पार्टी के सुप्रीमो प्रशांत किशोर को गिरफ्तार करते समय धक्का मुक्की, हाथापाई एवं खींचतान हुई, इसके बीच पुलिस के जवान उन्हें घसीटते हुए ले गए। करीब एक हजार पुलिस कर्मियों ने पहले गांधी मैदान के अंदर स्थित गांधी मूर्ति के चारों तरफ घेराबंदी की और उसके बाद प्रशांत किशोर को उठाने पहुंची। 10 थानों के थानेदारों के अलावा कई DSP और सिटी मजिस्ट्रेट भी थे। इस दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा प्रशांत किशोर को थप्पड़ मारे जाने की भी सूचना है। गिरफ्तारी के बाद प्रशांत किशोर को पहले एम्स फिर ESIC अस्पताल बिहटा ले जाया गया।

उनके समर्थकों ने आरोप लगाया है कि प्रशांत किशोर को लेकर पटना पुलिस शहर के चक्कर काट रही है। एम्बुलेंस मे लेकर एम्स से बिहटा और फिर फतुहा ले जाया गया, लेकिन प्रशांत ने चिकित्सा लेने से इनकार कर दिया और कहा कि जब तक BPSC के अध्यक्ष द्वारा परीक्षा रद्द करने की घोषणा नहीं की जाती है, वे आमरण अनशन पर ही रहेंगे। एम्स के बाहर बड़ी संख्या मे प्रशांत समर्थक पहुंच गए तो प्रशांत किशोर को लेकर जिला प्रशासन की टीम बिहटा के लिए निकल गई। बिहटा मे प्रशांत किशोर का ESIC हॉस्पिटल मे मेडिकल कराया गया। पटना एम्स के बाहर प्रशांत समर्थको के ऊपर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

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प्रशांत किशोर के खिलाफ 2 FIR दर्ज

जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर ने बताया कि प्रशांत किशोर को गांधी मैदान थाना मे दर्ज प्राथमिकी के तहत गिरफ्तार किया गया है। प्रशांत किशोर के खिलाफ 2 FIR दर्ज की गई हैं। पहली 29 दिसंबर को और दूसरी 2 जनवरी को दर्ज की गई थी। प्रशांत किशोर के खिलाफ बिना इजाजत प्रतिबंधित क्षेत्र मे धरना प्रदर्शन करने का आरोप है, हालांकि प्रशांत किशोर को जमानत मिल गई है, लेकिन वे BPSC परीक्षार्थियों के समर्थन में आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने 29 दिसंबर को गांधी मैदान मे छात्र संसद बुलाई, लेकिन जब पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो उससे पहले निकल गए।

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इसके बाद प्रशांत किशोर ने 30 दिसंबर को मुख्य सचिव के पास 5 अभ्यर्थियों का प्रतिनिधमंडल भेजा था। इसके बाद सरकार को 48 घंटे का समय दिया गया, लेकिन जब कोई करवाई नहीं हुई तो 2 जनवरी की शाम से प्रशांत किशोर गांधी मैदान मे गांधी मूर्ति के पास आमरण अनशन पर बैठ गए, लेकिन डैमेज कंट्रोल मे लगे प्रशांत किशोर का यह आमरण अनशन भी विवादों में रहा औ इसकी वजह इनका VVIP अरेंजमेंट था।

4 दिन से आमरण अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर

बता दें कि प्रशांत किशोर गत 2 जनवरी से ही आमरण अनशन पर बैठे है। वे BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग कर हैं और छात्रों का समर्थन कर रहे हैँ। उनकी 5 प्रमुख मांगें हैं कि 70वीं BPSC परीक्षा में अनियमितता और भ्रष्टाचार की हाई लेवल पर जांच की जाए और दोबारा एग्जाम कराया जाए।

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साल 2015 में दिए गए वादे के अनुसार 18 से 35 साल के हर बेरोजगार युवा को बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। पिछले 10 साल में हुई भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक की जांच करके दोषियों पर कार्रवाई की जाए। सरकारी नौकरियों में बिहार के युवाओं की कम से कम 2 तिहाई हिस्सेदारी के लिए डोमिसाइल पॉलिसी लागू की जाए।

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वैनिटी वैन के कारण खड़ा हुआ विवाद

दरअसल गांधी मैदान मे गांधी मूर्ति के पास जहां प्रशांत किशोर का आमरण अनशन चल रहा है, वहं पास में एक वैनिटी वैन खड़ी है। इस वैनिटी वैन में बाहर से ही कंबल और अन्य सामान दिख रहे हैं। बताया जाता है कि इस वैनिटी वैन मे प्रशांत किशोर फ्रेश होने आते हैं। इस वैनिटी वैन के अंदर बेडरूम, ड्राइंग रूम और हवाई जहाज की तरह टॉयलेट है। इसमें किचेन भी है।

इस तरह की वैनिटी वैन अक्सर बॉलीवुड सितारों के पास शूटिंग के लिए होती है, लेकिन प्रशांत किशोर के आमरण स्थल के पास इस वैनिटी वैन के होने से चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि प्रशांत किशोर वैनिटी वैन से जुड़ी चर्चाओं पर कहते रहे कि गांधी मैदान मे नीतीश कुमार ने एक शौचालय तक नहीं बनवाया है। खुले मैदान में कहां शौच करुं…जो लोग इस पर आपत्ति जता रहे हैं वह शौचालय की व्यवस्था भी करा दें। मैं तो खुले आसमान के नीचे अपने साथियों के साथ रात दिन बैठा हूं, इसकी कोई भी जांच करा ले।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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