मुख्य बिंदु
- भारी बारिश के कारण पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान और सारण के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
- तूफान और बारिश के कारण बिहार के तकरीबन 26 जिलों में येलो अलर्ट लागू है.
- कई इलाकों में 40 किमी/घंटा तक की तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना है.
- पटना और आस-पास के सात ज़िलों में मौसम के थोड़ा सामान्य रहने की उम्मीद है.
- जून में बिहार में बारिश में 46% की कमी दर्ज की गई और जुलाई में भी सामान्य से कम बारिश हो सकती है.
Bihar Weather Update: बिहार में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिससे मौसम में बड़े बदलाव आए हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, गुरुवार 2 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने, बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने 30 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है और लोगों से सावधानी बरतने को कहा है, खासकर भारी बारिश और बिजली कड़कने के दौरान.
कितनी तेज होगी बारिश?
आईएमडी ने बारिश की संभावना और तीव्रता के आधार पर मौसम की चेतावनी को 2 कैटेगरीज में बांटा है. 4 जिलों- पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान और सारण—के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है, जहां भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. इन जिलों में बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान भी आ सकता है, जिससे मौसम से जुड़ी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है.
इन जिलों में 'येलो अलर्ट'
वहीं, 26 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' का ऐलान किया गया है. इन जिलों में पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया, भागलपुर, जमुई, मुंगेर, बांका, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, अरवल और औरंगाबाद शामिल हैं. इन इलाकों में मध्यम बारिश, आंधी-तूफान और 40 किमी प्रतिघंटा तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की उम्मीद है.
बिजली कड़कने का अंदेशा
मौसम वैज्ञानिकों ने बिजली कड़कने को लेकर भी खास सलाह जारी की है. लोगों को सलाह दी गई है कि वे आंधी-तूफान के दौरान खुले मैदानों, अकेले खड़े पेड़ों के पास या ऐसी ही खुली जगहों पर न खड़े हों. अधिकारियों ने मौसम ठीक होने तक पक्की इमारतों के अंदर रहने की सलाह दी है, क्योंकि सक्रिय मॉनसून के दौरान बिजली गिरने का खतरा काफी ज्यादा होता है.
पटना समेत कई जिलों में सामान्य मौसम
हालांकि बिहार के ज्यादातर हिस्सों में बारिश होने की उम्मीद है, लेकिन 8 जिलों में मौसम के हालात स्थिर रहने की संभावना है. पटना, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, गया, बेगूसराय, लखीसराय और शेखपुरा में गुरुवार को भारी बारिश की उम्मीद नहीं है. हालांकि, इन जिलों में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है.
तापमान में गिरावट
बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने के कारण पूरे बिहार में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है. बीते बुधवार को कैमूर में राज्य का सबसे ज़्यादा तापमान 39°C दर्ज किया गया, इसके बाद रोहतास में 37°C, गया में 36.8°C और पटना और बक्सर दोनों में 36.3°C तापमान रहा. सबसे कम तापमान रोहतास जिले के डेहरी में दर्ज किया गया, जहां पारा गिरकर 25°C तक पहुंच गया.
अभी और बारिश की संभावना
हाल ही में हुई बारिश के बावजूद, इस मॉनसून सीजन में बिहार में बारिश की भारी कमी देखी गई है. 1 जून से 30 जून के बीच, राज्य में सामान्य औसत 163.3 मिमी की तुलना में केवल 87.8 मिमी बारिश हुई, जिससे बारिश में तकरीबन 46 फीसदी की कमी आई. मौसम विभाग का अनुमान है कि जुलाई में सामान्य बारिश तकरीबन 340.5 मिमी होती है, लेकिन पूर्वानुमान बताते हैं कि इस महीने भी बारिश औसत से कम हो सकती है. हालाँकि, मौसम के ठंडा बने रहने की उम्मीद है और राज्य के कई हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से 2–3 डिग्री सेल्सियस कम रहने की संभावना है.
निष्कर्ष
सक्रिय मॉनसून ने पूरे बिहार में बारिश की गतिविधि बढ़ा दी है, जिससे 30 ज़िलों में मौसम संबंधी अलर्ट जारी किए गए हैं. निवासियों को, खासकर ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों में, सतर्क रहना चाहिए और तूफ़ान व बिजली गिरने के दौरान सुरक्षा सलाहों का पालन करना चाहिए. हालाँकि बारिश ने मौसम की स्थिति में सुधार किया है और तापमान कम किया है, लेकिन राज्य में अभी भी मौसमी बारिश की कमी बनी हुई है.