बिहार पुलिस ने सीवान में छात्रों पर AK-47 से गोली चलाए जाने की घटना के बाद बड़ा फैसला लिया है. कानून व्यवस्था ड्यूटी के दौरान AK-47, INSAS और SLR जैसे असॉल्ट हथियारों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. निर्देशों के अनुसार, इन हथियारों का इस्तेमाल अब केवल उग्रवाद, आतंकवाद और बड़े अपराधियों में किया जाएगा. भीड़ को कंट्रोल करने के लिए कोई पुलिस अधिकारी या जवान इन हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेगा. किसी विशेष परिस्थिति में इन्हें साथ ले जाने की स्थिति में भी इनके प्रयोग पर रोक रहेगी. संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को आदेश का पालन करने का निर्देश है.
25 जुलाई को सीवान में हुआ था विरोध प्रदर्शन
बता दें कि 25 जुलाई को बिहार के सीवान जिले में नीट पेपर लीक के विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन किया था. इस दौरान बिहार पुलिस के जवानों ने प्रदर्शनकारियों को कंंट्रोल करने के लिए फायरिंग की. पुलिस और प्रदर्शनकारियों की हिंसक झड़प में 3 छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे. वहीं एक पुलिस जवान के द्वारा एके-47 राइफल से फायरिंग करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिस वजह से बिहार पुलिस की देशभर में किरकिरी हुई. मामले में तुरंत एक्शन लिया गया और वीडियो में दिख रहे जवान को सस्पेंड कर दिया गया. उसके खिलाफ विभागीय जांच अभी चल रही है.
बिहार बंद के दौरान छात्रों का विरोध प्रदर्शन
नीट पेपर लीक और 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में ‘आइसा’ (AISA) ने 25 जुलाई 2026 को बिहार बंद का आह्वान किया. बिहार बंद के दौरान सीवान शहर में जेपी चौक के पास छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस और उग्र भीड़ में हिंसा हुई. पुलिस जवानों ने फायरिंग की तो प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया. इसमें सीवान के SP पूरण कुमार झा समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए. यह देखकर SP के बॉडीगार्ड ने प्रदर्शनकारियों की भीड़ की तरफ एके-47 से कई राउंड फायरिंग की, जिसमें मोहम्मद आरिफ, आकाश यादव और बुलेट कुमार गोंड घायल हो गए थे.
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सीवान के जिलाधिकारी ने दिया स्पष्टीकरण
फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद SP के बॉडीगार्ड को निलंबित कर दिया गया. सीवान के जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने मीडिया में बयान जारी करके स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने या हवाई फायरिंग करने का आधिकारिक आदेश नहीं दिया गया था. लेकिन वीडियो के कारण बिहार पुलिस और बिहार सरकार विपक्षियों के निशाने पर आ गई थी. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और कांग्रेस नेताओं ने पुलिस और सरकार को घेरा. प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग को तानाशाही कार्रवाई करार दिया. सीवान के SP और जिम्मेदार अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग को लेकर हल्ला बोला.
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