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बिहार पुलिस का बड़ा फैसला, विरोध प्रदर्शनों में भीड़ कंट्रोल करने के लिए AK47-इंसास और SLR के इस्तेमाल पर रोक, जानें क्यों?

बिहार के सीवान में प्रदर्शनकारी छात्रों पर एके-47 राइफल से हमला करने की निंदा देशभर में हुई. बिहार पुलिस को इस घटनाक्रम के लिए आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा. इसलिए बिहार पुलिस की ओर से हथियारों के इस्तेमाल को लेकर एक आदेश जारी किया गया है.

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बिहार पुलिस ने सीवान में छात्रों पर AK-47 से गोली चलाए जाने की घटना के बाद बड़ा फैसला लिया है. कानून व्यवस्था ड्यूटी के दौरान AK-47, INSAS और SLR जैसे असॉल्ट हथियारों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. निर्देशों के अनुसार, इन हथियारों का इस्तेमाल अब केवल उग्रवाद, आतंकवाद और बड़े अपराधियों में किया जाएगा. भीड़ को कंट्रोल करने के लिए कोई पुलिस अधिकारी या जवान इन हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेगा. किसी विशेष परिस्थिति में इन्हें साथ ले जाने की स्थिति में भी इनके प्रयोग पर रोक रहेगी. संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को आदेश का पालन करने का निर्देश है.

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25 जुलाई को सीवान में हुआ था विरोध प्रदर्शन

बता दें कि 25 जुलाई को बिहार के सीवान जिले में नीट पेपर लीक के विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन किया था. इस दौरान बिहार पुलिस के जवानों ने प्रदर्शनकारियों को कंंट्रोल करने के लिए फायरिंग की. पुलिस और प्रदर्शनकारियों की हिंसक झड़प में 3 छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे. वहीं एक पुलिस जवान के द्वारा एके-47 राइफल से फायरिंग करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिस वजह से बिहार पुलिस की देशभर में किरकिरी हुई. मामले में तुरंत एक्शन लिया गया और वीडियो में दिख रहे जवान को सस्पेंड कर दिया गया. उसके खिलाफ विभागीय जांच अभी चल रही है.

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बिहार बंद के दौरान छात्रों का विरोध प्रदर्शन

नीट पेपर लीक और 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में ‘आइसा’ (AISA) ने 25 जुलाई 2026 को बिहार बंद का आह्वान किया. बिहार बंद के दौरान सीवान शहर में जेपी चौक के पास छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस और उग्र भीड़ में हिंसा हुई. पुलिस जवानों ने फायरिंग की तो प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया. इसमें सीवान के SP पूरण कुमार झा समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए. यह देखकर SP के बॉडीगार्ड ने प्रदर्शनकारियों की भीड़ की तरफ एके-47 से कई राउंड फायरिंग की, जिसमें मोहम्मद आरिफ, आकाश यादव और बुलेट कुमार गोंड घायल हो गए थे.

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सीवान के जिलाधिकारी ने दिया स्पष्टीकरण

फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद SP के बॉडीगार्ड को निलंबित कर दिया गया. सीवान के जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने मीडिया में बयान जारी करके स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने या हवाई फायरिंग करने का आधिकारिक आदेश नहीं दिया गया था. लेकिन वीडियो के कारण बिहार पुलिस और बिहार सरकार विपक्षियों के निशाने पर आ गई थी. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और कांग्रेस नेताओं ने पुलिस और सरकार को घेरा. प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग को तानाशाही कार्रवाई करार दिया. सीवान के SP और जिम्मेदार अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग को लेकर हल्ला बोला.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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