(अमिताभ कुमार ओझा) केंद्र सरकार द्वारा जातिगत जनगणना कराए जाने की घोषणा के बाद एक तरफ जहां इसका श्रेय लेने के लिए पार्टियों में होड़ मची है, वहीं दूसरी तरफ तेजस्वी यादव के ट्वीट से राजनीतिक घमासान मच गया है। अब देशभर में आरक्षण का मुद्दा गरमा सकता है। तेजस्वी यादव ने अब जातीय जनगणना के बहाने निजी क्षेत्र, ठेकेदारी और न्यायपालिका में आरक्षण को लागू करने की मांग की है। बिहार में जातिगत सर्वे के बाद आई रिपोर्ट के आधार पर नीतीश सरकार ने विधानमंडल से कानून बनाकर  आरक्षण में बढ़ोतरी की थी और इस कानून को केंद्र सरकार को भेज कर नौवीं अनुसूची में डालने की सिफारिश की थी पर मोदी सरकार द्वारा इस सिफारिश को नहीं मानने के बाद पटना हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए बढ़े हुए आरक्षण को खत्म कर दिया था, अब जबकि देश की मोदी सरकार ने खुद जातीय जनगणना कराने का फैसला किया है, तो इस जनगणना के बहाने जिसकी जितनी आबादी उसकी उतनी हिस्सेदारी के नारे को लेकर अब आरक्षण पर बहसबाजी तेज हो गई है। तेजस्वी यादव ने अब जातीय जनगणना के बहाने निजी क्षेत्र, ठेकेदारी और न्यायपालिका में आरक्षण को लागू करने की मांग की है। इसको लेकर तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर शेयर किया है।
  • इस पोस्ट में तेजस्वी यादव ने लिखा कि जातिगत जनगणना तो शुरुआत है, पिक्चर अभी बाकी है:-पिछड़ों/अति पिछड़ों के लिए आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र
  • निजी क्षेत्र में आरक्षण
  • ठेकेदारी में आरक्षण
  • न्यायपालिका में आरक्षण
  • मंडल कमीशन की शेष सिफारिशों को लागू करेंगे
  • आबादी के अनुपात में आरक्षण देंगे
  • बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा
  • बिहार के लिए विशेष पैकेज

ये हैं तेजस्वी की मांगें

उच्च मानसिकता के समता विरोधी संकीर्ण व नकारात्मक संघी और भाजपाई  इस पर भी हमें गाली देंगे लेकिन बाद में बेशर्म हमारे ही एजेंडे को अपना मास्टर स्ट्रोक कहेंगे। कितने खोखले लोग है ये? तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद बीजेपी और जेडीयू की तरफ से भी बयानबाजी तेज हो गई है। आरजेडी प्रवक्ता शक्ति यादव कहते हैं कि उनके नेता तेजस्वी यादव जो कहते हैं वो करते हैं। जातीय गणना भी तेजस्वी यादव के प्रयासों के कारण ही हुई थी। तेजस्वी यादव ने मांग उठाई है कि आने वाले दिनों में पूरा देश उनके साथ होगा।

भाजपा मंत्री क्या बोले?

भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने तेजस्वी के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तेजस्वी जी आपकी राजनीति समाजवाद नहीं जातिवाद के रास्ते परिवारवाद की रोटी सेकने का माध्यम है, ये पूरा देश जानता है। लालू यादव जी और उनके परिवार को यह स्मरण कराना आवश्यक है कि जिस 'समाजवाद' की दुहाई वे वर्षों से देते आए हैं, वह दरअसल एक विशेष जाति तक सीमित, संकुचित और स्वार्थपूर्ण एजेंडे का दूसरा नाम रहा है। समाजवाद की आड़ में इन्होंने वर्षों तक एक जाति विशेष को साधा और शेष समाज को हाशिये पर डालकर अपने राजनीतिक स्वार्थ की रोटियां सेंकीं। उधर जेडीयू के प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा की तेजशवी यादव क्रेडिट पॉलिटिक्स में लगे है। उनकी माने तो आरक्षण की दलील दे रहे तेजस्वी यादव पहले अपनी पार्टी में आरक्षण को देखें। पार्टी का अध्यक्ष किसी दलित अति पिछड़े को बनाये।

कांग्रेस किसे दे रही क्रेडिट?

कांग्रेस केंद्र सरकार द्वारा जातीय जनगणना कराए जाने की घोषणा को राहुल गांधी से जोड़कर देख रही है। पार्टी प्रवक्ता राजेश राठौड़ के अनुसार, उनके नेता राहुल गांधी की देन है की केंद्र सरकार को जातिगत जनगणना कराने की घोषणा करनी पड़ी है। वो इसका क्रेडिट किसी और को नहीं देते है। ये भी पढ़ें- बिहार में तेजस्वी यादव का नया पोस्टर, जाति जनगणना पर बोले- ‘पिक्चर अभी बाकी है’