Bihar new voter list: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को SIR की फाइनल रिपोर्ट पर बिहार में नई वोटर लिस्ट को जारी कर दी थी. इसमें लगभग 65 लाख नाम वोटर सूची से हटाए गए और 21.53 लाख नए मतदाताओं को वोटर लिस्ट में जोड़ा गया है. जिसके बाद अब विपक्ष ने नई वोटर लिस्ट में गड़बड़ी होने और डेटा पारदर्शिता न बरतने के आरोप लगाते हुए बिहर में अपने स्तर पर बूथ लेवल वेरिफिकेशन शुरू कर दिया गया है. इसकी शुरूआत आरजेडी ने बक्सर से कर दी है. India Block में शामिल आरजेडी, सीपीआई-एमएल द्वारा नई वोटर लिस्ट की जांच की जाएगी. India Block की योजना है कि अगले 72 घंटों में वेरिफिकेशन और डेटा विश्लेषण पूरा कर आपत्तियां दाखिल कर दी जाएं.
एक मतदाता का नाम दो विधानसभा क्षेत्र में दर्ज
बिहार में जारी नई मतदाता सूची के बाद अब कुल मतदाताओं की संख्या 7.42 करोड़ हो गए हैं. जारी लिस्ट के बाद आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह की देखरेख मे बक्सर में बीती रात ही बूथ लेवल के एजेंट को नई मतदाता दे दी गई थी. जिसके बाद बुधवार सुबह को कुछ रिपोर्ट आने के बाद सांसद ने दावा किया है कि जांच में सामने आ रहा है कि बहुत से लोगों के परिवार में परुषों का नाम लिस्ट से कटा हुआ है, जबकि महिलाओं का नाम वोटर लिस्ट में है. इसके अलावा उन्होंने बताया कि एक मतदाता का नाम दो विधानसभा क्षेत्र में दर्ज होने का मामला भी सामने आया है. उन्होंने कहा कि 2 दिनों में इस जांच की प्रक्रिया को पूरी करने के बाद उनके द्वारा आपत्तियां दाखिल की जाएंगी.
बूथ लेवल एजेंट कर रहे वेरिफिकेशन
India Block के सहयोगी दल सीपीआई-एमएल ने अपने क्षेत्रों में बूथ लेवल एजेंटों को नई सूची की जांच की वेरिफिकेशन कराने के लिए लगा दिया है. वहीं इस मामले में महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य का कहना है कि ऐसे मतदाताओं जिनके नाम नई वोटर लिस्ट से हटा दिए गए है. उनके लिए फार्म 6 का इस्तेमाल करना जरूरी कर दिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने किसी भी दल से चर्चा नहीं की. उन्होंने कहा कि इतने कम समय में डेटा की जांच करके आपत्तियां दाखिल करना काफी कठिन है, क्योंकि यह समय त्योहारों का है. सभी एजेंट त्योहारों के कारण व्यस्त हैं. वहीं योगेन्द्र यादव ने भी कहा कि बीते 1 माह में नए बने वोटरों की संख्या 16 लाख से 21 लाख हो गई, उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि 5 लाख नए नाम कहां से आ गए.