Bihar Kendriya Vidyalaya: बिहार में स्कूली शिक्षा को मजबूत करने और बच्चों को आधुनिक सुविधाएं देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र ने बिहार के 18 अलग-अलग जिलों में नए केंद्रीय विद्यालय खोलने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से राज्य के हजारों छात्रों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा और उन्हें अपने ही जिले में देश के बेहतरीन सरकारी स्कूल नेटवर्क में पढ़ने का मौका मिलेगा।

बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि इन विद्यालयों को शुरू करने के लिए बिहार सरकार मुफ्त में जमीन उपलब्ध करा रही है। कुल 18 जिलों में से 12 जिलों में जमीन देने की प्रक्रिया को फाइनल कर लिया गया है, जबकि बाकी बचे 6 जिलों में भी अगले कुछ महीनों के भीतर उपयुक्त जमीन तलाश कर उसे केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) या शिक्षा विभाग को सौंप दिया जाएगा। मंत्री ने जिला अधिकारियों को जमीन चयन का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

पहली बार दिखेगा 'बाल वाटिका' का नया रूप

इस बार बिहार में खुलने वाले इन नए केंद्रीय विद्यालयों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत 'बाल वाटिका' (3 वर्ष का पूर्व-प्राथमिक चरण) की शुरुआत की जाएगी। ऐसा पहली बार हो रहा है जब शुरुआती स्तर से ही बच्चों को केवीएस के इस नए फॉर्मेट का लाभ मिलेगा। साल 2025 में कैबिनेट ने देश भर में 57 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने को हरी झंडी दी थी, जिसमें बिहार के हिस्से 19 स्कूल आए थे।

स्मार्ट क्लास और आधुनिक कंप्यूटर लैब से लैस होंगे स्कूल

नए नियमों और गाइडलाइंस के मुताबिक, इन स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह आधुनिक होगा। बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान न देकर प्रैक्टिकल नॉलेज देने के लिए हर स्कूल में हाईटेक कंप्यूटर लैब्स, एडवांस्ड साइंस लैब्स और स्मार्ट क्लासरूम बनाए जाएंगे। एक मानक केंद्रीय विद्यालय की क्षमता करीब 1520 छात्रों की होती है, जिससे राज्य में शिक्षा का स्तर सुधरेगा और गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को भी वर्ल्ड-क्लास एजुकेशन मिल सकेगी।