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बिहार में मिड-डे मील पर मंडराया संकट, 1 नवंबर से हो सकता है बंद, जानें क्या है विवाद?

बिहार के शिक्षा विभाग को प्राथमिक शिक्षक संघ ने मिड-डे मील सर्विस बंद करने की चेतावनी दी है और विभाग को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है. संघ ने चेतावनी और अल्टीमेटम देने की वजह भी स्पष्ट की है.

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बिहार में पैसे की कमी के कारण मिड-डे मील सर्विस बंद हो सकती है. (Credit-AI)

बिहार के सरकारी प्राइमरी स्कूल में मिड-डे मील की सर्विस एक नवंबर से बंद हो सकती है, जिससे लाखों बच्चों के लिए खाने का संकट खड़ा हो सकता है. बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा विभाग को अल्टीमेटम देते हुए सर्विस बंद करने की चेतावनी दी है. इसकी वजह 6 महीने से बकाया राशि है, जिसका भुगतान नहीं किया गया है. संघ का कहना है कि 6 महीने से शिक्षा विभाग ने मिड-डे मील के लिए फंड नहीं भेजा है. बच्चों के बारे में सोचते हुए शिक्षक अपनी जेब से खर्च कर उनके लिए खाने की व्यवस्था कर रहे हैं, लेकिन इससे उनकी आर्थिक स्थिति खराब होने लगी है.

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पिछली के साथ अगली पेमेंट भी मांगी

बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जयराम शर्मा ने बताया कि शिक्षा विभाग को लिखित नोटिस देकर सभी प्राइमरी स्कूलों की बकाया पेमेंट का भुगतान करने की मांग की है. नोटिस में साफ चेतावनी दी गई है कि अगर विभाग सर्विस को चालू रखना चाहता है तो पिछली पेमेंट के साथ-साथ अगली पेमेंट का भुगतान भी करना होगा. अगर पेमेंट का भुगतान नहीं किया गया तो एक नवंबर से स्कूलों में मिड-डे मील नहीं बनेगा और इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी. एक अक्टूबर 2026 को भी लेटर लिखकर पेमेंट मांगी गई थी, लेकिन शिक्षा विभाग ने मांग को गंभीरता से नहीं लिया.

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7 दिन का लिखित अल्टीमेटम दिया गया

संघ के महासचिव दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि मजबूर होकर संघ ने चेतावनी देनी पड़ी और अगर चेतावनी भी हल्के में ली गई तो सर्विस बंद करनी ही पड़ेगी. 6 महीने से टीचर्स मिड-डे मील का खर्च उठा रहे हैं, लेकिन अब वह भी खर्च उठाने में असमर्थ हैं. विभाग को पहले भी लिखित सूचना दी गई थी कि पेमेंट के कारण समस्या आ रही है, लेकिन शिक्षा विभाग ने समस्या का समाधान नहीं किया. इसलिए अब विभाग को 7 दिन का समय दिया गया है और अगर 7 दिन में पेमेंट नहीं हुई तो मिड-डे मील नहीं बनेगा और न ही टीचर्स को इसका खर्च उठाने दिया जाएगा, इसलिए विभाग फैसला ले.

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सर्विस बंद होने से लाखों बच्चे होंगे प्रभावित

बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश सचिव आनंद मिश्रा के अनुसार, मिड-डे मील सर्विस बंद होने से प्रदेश के लाखों बच्चों पर असर पड़ सकता है. गरीब और वंचित परिवारों के बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. क्योंकि उन बच्चों के लिए एक वक्त की रोटी का जुगाड़ मिड-डे मील होता है. लेकिन प्रदेश सरकार की लापरवाही उनके लिए खाने का संकट खड़ा सकती है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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