मुख्य जानकारियां:
- बिहार के पश्चिम चंपारण में भीषण गर्मी के कारण 30 जून 2026 तक प्राथमिक स्कूल पूरी तरह बंद रहेंगे.
- जिला प्रशासन का यह आदेश सभी सरकारी, निजी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और कोचिंग सेंटरों पर लागू होगा.
- पश्चिम चंपारण में कक्षा 6 से ऊपर के स्कूल अब सुबह 6:30 बजे से केवल दोपहर 11:00 बजे तक ही खुलेंगे.
- पटना के डीएम कुंदन कुमार ने भी मौसम के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए कक्षा 8वीं तक के स्कूल 30 जून तक बंद किए हैं.
- डॉक्टरों के मुताबिक बच्चों को हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के खतरे से बचाने के लिए यह कदम उठाना बहुत जरूरी था.
Bihar School Closed: बिहार में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. पश्चिम चंपारण के डीएम तरनजोत सिंह और राजधानी पटना के डीएम कुंदन कुमार ने अलग-अलग आदेश जारी करके 30 जून 2026 तक प्ले स्कूल से लेकर प्राथमिक कक्षाओं तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को पूरी तरह बंद रखने का निर्देश दिया है. प्रशासन का यह त्वरित कदम बच्चों को जानलेवा हीटवेव और लू के खतरों से सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है, जिसका अभिभावकों और डॉक्टरों ने भी पूरी तरह स्वागत किया है.
स्कूलों को लेकर क्या है बड़ा आदेश?
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में पड़ रही अत्यधिक गर्मी को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट तरनजोत सिंह ने एक आधिकारिक आदेश जारी किया है. इस निर्देश के अनुसार जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में नर्सरी से लेकर कक्षा 5वीं तक की पढ़ाई को 29 और 30 जून 2026 तक पूरी तरह से स्थगित कर दिया गया है. डीएम ने स्पष्ट किया है कि लगातार बढ़ते पारे और लू के थपेड़ों के कारण छोटे बच्चों की सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है, इसलिए इस प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाएगा.
कोचिंग संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी यह नियम लागू होगा?
पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन ने अपने आदेश में इस बात को पूरी तरह से साफ कर दिया है कि यह नया प्रतिबंध केवल नियमित स्कूलों तक ही सीमित नहीं रहेगा. बच्चों की सुरक्षा को व्यापक स्तर पर सुनिश्चित करने के लिए जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और निजी कोचिंग संस्थानों पर भी यह आदेश समान रूप से लागू रहेगा. प्रशासन का मानना है कि दोपहर के समय कोचिंग जाने वाले बच्चों को भी हीट स्ट्रोक का उतना ही खतरा रहता है, इसलिए इन सभी संस्थानों को 30 जून तक बंद रखना अनिवार्य है.
प्रशासन ने समय सारणी में क्या बदलाव किए हैं?
प्रशासन ने छोटे बच्चों को तो पूरी राहत दी है, लेकिन कक्षा 6 और उससे ऊपर की बड़ी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए स्कूल पूरी तरह बंद नहीं रहेंगे. हालांकि उनकी सेहत को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई के समय में एक बड़ा बदलाव जरूर किया गया है. नई समय सारणी के मुताबिक अब कक्षा 6 से ऊपर की सभी कक्षाएं सुबह 6:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 11:00 बजे तक ही संचालित की जा सकेंगी. स्कूलों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे 11:00 बजे के बाद किसी भी स्थिति में बच्चों को परिसर में न रोकें.
यह भी पढ़ें: Patna Weather Today: पटना समेत बिहार में कैसा है आज का मौसम? जानिए गर्मी सताएगी, या बारिश दिलाएगी राहत
राजधानी पटना के डीएम कुंदन कुमार ने उठाया सख्त कदम
पश्चिम चंपारण की ही तरह राजधानी पटना में भी मौसम का मिजाज बेहद तल्ख बना हुआ है. पटना के डीएम कुंदन कुमार ने बढ़ती तपन को देखते हुए पश्चिम चंपारण से भी अधिक सख्त कदम उठाया है. पटना जिला प्रशासन के नए आदेश के मुताबिक शहर के सभी प्ले स्कूलों से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी विद्यालयों को आगामी 30 जून 2026 तक के लिए पूरी तरह बंद रखने का फैसला लिया गया है. मौसम विभाग की ओर से जारी किए गए ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने यह तत्परता दिखाई है.
मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी के बीच इस फैसले का हर वर्ग ने समर्थन किया है. स्कूल बंद होने के इस सरकारी निर्णय का अभिभावकों ने दिल से स्वागत किया है क्योंकि उन्हें बच्चों के बीमार होने का डर सता रहा था. वहीं दूसरी तरफ डॉक्टरों का भी कहना है कि इस अत्यधिक तापमान वाले मौसम में छोटे बच्चों के शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, जिसे देखते हुए यह प्रशासनिक फैसला बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी और समय अनुकूल था.
बिहार स्कूल बंदी और समय सारणी की मुख्य जानकारियां (Table):
| प्रभावित जिला और क्षेत्र | प्रतिबंधित कक्षाएं | प्रतिबंध की अंतिम तारीख | बड़ी कक्षाओं का नया समय (कक्षा 6+) | अन्य प्रभावित संस्थान |
| पश्चिम चंपारण (बिहार) | नर्सरी से कक्षा 5वीं तक | 30 जून 2026 तक | सुबह 6:30 बजे से दोपहर 11:00 बजे तक | कोचिंग संस्थान और आंगनबाड़ी केंद्र |
| पटना राजधानी (बिहार) | प्ले स्कूल से कक्षा 8वीं तक | 30 जून 2026 तक | जिला स्तर पर समीक्षा के अधीन | सभी निजी और सरकारी विद्यालय |
निष्कर्ष: बिहार के पश्चिम चंपारण और पटना में जिला प्रशासन द्वारा लिया गया यह फैसला बच्चों की सेहत और सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद सराहनीय है. इस अत्यधिक गर्मी और लू के मौसम में स्कूलों को बंद रखने और समय में बदलाव करने से बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकेगा.
संबंधित खबरें
पटना से लखनऊ आ रही फ्लाइट पर गिरी आकाशीय बिजली, मची चीख पुकार
13 hrs agoचिराग पासवान के एक और विधायक पर गिरी गाज, ठेकेदार ने लगाया रंगदारी का आरोप
1 day agoसम्राट चौधरी ने ₹122 करोड़ के सासाराम बाईपास का किया लोकार्पण
1 day agoपटना में पुलिस कार्रवाई के डर से पुनपुन नदी में कूदे 60 लोग, 2 की मौत
1 day agoदिल्ली-यूपी, बिहार में कल कैसा रहेगा मौसम, IMD ने दिया राज्यों का अपडेट
4 days agoबिहार बन सकता है बाढ़ मुक्त राज्य! नितिन गडकरी ने CM सम्राट से मांगी मंजूरी
6 days agoलड़के को पीटा, लड़की से बदसलूकी... बिहार का एक और VIDEO वायरल, 2 अरेस्ट
8 days ago50 लाख के जेवर, एक करोड़ कैश… पटना के अफसर दंपति पर रेड, मिला खजाना
8 days agoबिहार के बेगूसराय में लड़की के साथ होटल में रेप, 2 आरोपी गिरफ्तापर
8 days agoभारत के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, दिल्ली-NCR में कल कैसा रहेगा मौसम?
8 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines