Kenya Government Delegation: सेशन का शुभारंभ जीविका की अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा द्वारा स्वागत संबोधन से हुआ। इस दौरान जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं सतत जीविकोपार्जन योजना के उद्देश्यों तथा इसके तहत बिहार राज्य में गरीबी उन्मूलन के लिए किये जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि केन्या के 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बिहार सरकार द्वारा गरीबी उन्मूलन हेतु संचालित सतत् जीविकोपार्जन योजना के अंतर्गत इमर्शन एंड लर्निंग एक्सचेंज (ILE) कार्यक्रम के तहत नालंदा जिला का भ्रमण किया गया । इस दौरान उन्होंने इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों द्वारा अपनाये गए जीविकोपार्जन के उपक्रमों को देखा और अनुभव प्राप्त किया।
केन्या के प्रतिनिधिमंडल का दौरा
सत्र को संबोधित करते हुए एंड्रयू मवादिमे, तवेता काउंटी सरकार के गवर्नर, केन्या ने सतत् जीविकोपार्जन योजना के क्रियान्यवयन और इसके जमीनी स्तर के प्रभाव को सराहते हुए अपने अनुभव साझा किये। उन्होंने इस इस भ्रमण कार्यक्रम के आयोजन के लिए जीविका के प्रति आभार व्यक्त किया। एंड्रयू मवादिमे ने सतत् जीविकोपार्जन योजना की मुख्य विशेषताओं और भ्रमण के दौरान अपने सीखों को सूचीबद्ध किया जो केन्या में गरीबी के मुद्दे को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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उन्होंने इस योजना में बिहार सरकार के द्वारा किये गए राशि के आवंटन की तारीफ करते हुए कहा कि जिस प्रकार से गरीबों के विकास के प्रति सरकार एकजुट होकर लगी है वह प्रशंसनीय है। हम इस योजना को अपनी सरकार के माध्यम से अपने देश में भी ले जायेंगे।
इस दौरान लोकेश कुमार सिंह, सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार में चल रही सतत जीविकोपार्जन योजना ने लाखों गरीब परिवारों के जीवन में परिवर्तन लाया है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि केन्या जैसे मित्र राष्ट्र इस मॉडल को समझने और सीखने की इच्छा रखते हैं। हमें उम्मीद है कि यह अनुभव दो देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा तथा वैश्विक पटल से गरीबी उन्मूलन में भी सहायक होगा।
जीविका निधि नाम से एक सहकारी संघ का निर्माण
अमृत लाल मीणा, मुख्य सचिव, बिहार ने केन्या सरकार के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए अत्यधिक गरीब परिवारों को विकास के रास्ते से जोड़ने के लिए 2018 में शुरू की गई बिहार सरकार की 'सतत जीविकोपार्जन योजना' की यात्रा पर प्रकाश डाला, जिससे बिहार में अबतक 2.1 लाख परिवारों को लाभ हुआ है। इस योजना के तहत गरीबी उन्मूलन में हुए मुख्य कार्यों की सफलता ने इसे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि दिलाई है। उन्होंने बताया कि अभी हाल ही में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आर्थिक सहायता हेतु बिहार सरकार ने ‘जीविका निधि’ नाम से एक सहकारी संघ का निर्माण भी किया है। केन्या सरकार के साथ यह साझा अनुभव हमें वैश्विक स्तर पर स्थानीय नवाचारों को प्रस्तुत करने का अवसर देता है। उन्होंने बताया कींकेन्या के सामुदायिक पेशेवर भी बिहार आकर यहां के कार्य शैली को देख सकते हैं।
इस सफल सत्र के अंत में राजेश कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी, जीविका ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि केन्या और भारत सतत जीविकोपार्जन जैसी योजनाओं के माध्यम से दोनो देश गरीबी के विरुद्ध इस लड़ाई में एक होकर कार्य कर सकते हैं। यहाँ के लोग केन्या जाकर इस तरह के कार्यक्रम के क्रियान्वयन में सहयोग और केन्या के लोग यहां आकर भी सीख सकते हैं।
योजनाओं में विस्तार पर जोर
गौरतलब है कि इमर्शन एंड लर्निंग एक्सचेंज (ILE) कार्यक्रम जीविका, ब्राक (BRAC) इंटरनेशनल और बंधन कोण नगर के द्वारा संयुक्त रूप से समन्वित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से विभिन्न देशों और भारत के अन्य राज्य से प्रतिनिधि सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत हो रहे कार्यों को देखने और गरीबी उन्मूलन के बारे में सीखने हेतु इमर्शन एंड लर्निंग केन्द्रों का भ्रमण करते हैं। इसके तहत बिहार सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक सतत जीविकोपार्जन योजना (एसजेवाई) की प्रक्रिया, पहुंच और प्रभाव के विस्तार पर जोर दिया जाता है।
अब तक इस कार्यक्रम के तहत इंडोनेशिया, फिलीपींस, दक्षिण अफ्रीका, इथियोपिया और श्रीलंका के प्रतिनिधियों ने सतत जीविकोपार्जन योजना के बारे में जानने और अपने-अपने देशों में इसी तरह के कार्यक्रम को क्रियान्वित करने के लिए बिहार के अलग-अलग जिले का भ्रमण किया है।
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