भोजपुर जिले के बहुचर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि न्यायिक जांच आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसके साथ ही परिवार के एक आश्रित सदस्य को सरकारी नौकरी भी प्रदान की जाएगी. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि परिवार की स्थिति और जीवन-यापन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है. आर्थिक सहायता राशि जल्द ही परिजनों को हस्तांतरित की जाएगी, साथ ही सरकारी नौकरी देने की प्रशासनिक प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू कर दी जाएगी. सरकार के इस निर्णय से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है.

न्यायिक जांच की रिपोर्ट के आधार पर फैसला

गौरतलब है कि भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर के दौरान भरत तिवारी की मृत्यु हो गई थी. इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय निवासियों ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर भारी विरोध दर्ज कराया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया था. आयोग द्वारा सौंपी गई अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर ही मुख्यमंत्री ने भरत तिवारी को दिवंगत स्वीकार करते हुए यह राहत कदम उठाया है.

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मुआवजा घोषणा के बाद RJD का बिहार सरकार पर तीखा हमला

पटना: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट के बाद बिहार सरकार द्वारा पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद और नौकरी देने की घोषणा पर राजनीति गरमा गई है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस फैसले को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया है. RJD के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सवाल किया कि एनकाउंटर का आदेश देने वाले और इसमें शामिल अधिकारियों पर मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी होगी या नहीं? मुआवजा देकर सरकार ने खुद मान लिया है कि यह हत्या थी, इसलिए सम्राट चौधरी को बिहार की जनता से माफी मांगनी चाहिए.

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