कांग्रेस-RJD में सीट बंटवारे पर बनी सहमति! बिहार INDIA की बैठक में इन 4 मुद्दों पर होगी चर्चा

बिहार में आज महागठबंधन की बड़ी बैठक होनी है। बैठक में सीट बंटवारे, समन्यव समिति, सीएम फेस और पशुपति पारस की एंट्री जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक में आरजेडी, कांग्रेस, वीआईपी और वाम दल शामिल होंगे।

Bihar INDIA Alliance Meeting

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बिहार विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है सभी दल रणनीति बनाने में जुट गए हैं। आज पटना में महागठबंधन के दलों की बड़ी बैठक होनी है। इस बैठक में आरजेडी, कांग्रेस, वामदल और वीआईपी के मुकेश सहनी शामिल होंगे। इसके अलावा बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस भी शामिल हो सकते हैं। आज की बैठक में सीट बंटवारे समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी।

सीट बंटवारे पर बनी सहमति

महागठबंधन की बैठक में सीट बंटवारा सबसे बड़ा मुद्दा है। महागठबंधन में शामिल पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे पर चर्चा होगी। सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि आरजेडी के दबाव में कांग्रेस 100 से कम सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए राजी हो गई है। इससे पहले कांग्रेस 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कह रही थी। अब खबर है कि कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए सहमत है लेकिन उसमें भी एक शर्त उन्होंने जोड़ दी है। कांग्रेस की शर्त है कि उसे उन सीटों पर चुनाव लड़ने दिया जाए जहां पर वह पारंपरिक तौर पर मजबूत रही है। हालांकि कांग्रेस की इस शर्त पर आरजेडी फिर सवाल खड़े कर रही है।

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पशुपति की एंट्री पर आज होगा निर्णय

इसके अलावा बैठक में महागठबंधन की समन्वय समिति बनाने को लेकर भी चर्चा होगी जो चुनाव के दौरान रणनीति बनाएगी। इसके अलावा महागठबंधन के फेस को लेकर भी पेंच फंसा है। उम्मीद है कि आज तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ने पर सहमति बन सकती है। वहीं पशुपति पारस की महागठबंधन में एंट्री को लेकर आज चर्चा होगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि आरजेडी अपने कोटे में से पशुपति पारस को कुछ सीटें दे सकती हैं।

कांग्रेस की चुनावी रणनीति से खुश नहीं लालू यादव

बता दें कि इससे पहले कांग्रेस और आरजेडी के बीच लगातार अनबन की खबरें सामने आ रही थी। कांग्रेस पहले 100 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए आरजेडी पर दबाव बना रही थी। इसके बाद सीएम फेस को लेकर भी पेंच फंसा था। कांग्रेस की बिहार चुनाव को लेकर आक्रामक रणनीति पर लालू यादव नाराज बताए जा रहे थे। पहले कांग्रेस ने अखिलेश प्रसाद सिंह को हटाकर उनकी जगह राजेश कुमार को नया अध्यक्ष बनाया था। अखिलेश प्रसाद सिंह लालू यादव के करीबी थे। इसके बाद प्रदेश में अल्पसंख्यक और दलित वोटर्स पर कांग्रेस की खेमेबंदी से भी लालू यादव नाराज थे। कन्हैया कुमार की रोजगार दो यात्रा से उनके बेटे तेजस्वी यादव के सीएम चेहरे को लेकर उनके मन में संशय था। कांग्रेस इस बार चुनाव में कन्हैया कुमार और पप्पू यादव को आगे कर रही है। लालू यादव इन दोनों चेहरों से पशोपेश की स्थिति में हैं। अब देखना यह है कि आज होने वाली बैठक में महागठबंधन के दलों में कैसे आपसी सामंजस्य बैठेगा?

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