बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को अनावश्यक रूप से दूसरे अस्पतालों में रेफर करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा की है। राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक उपकरणों के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की व्यवस्था की जा रही है। ऐसे में बिना उचित कारण मरीजों को रेफर करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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रेफर से जुड़े मामलों की रेगुलर समीक्षा होगी

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को रेफर किए जाने के मामलों की नियमित समीक्षा की जाए। अगर किसी डॉक्टर के द्वारा लापरवाही से या व्यक्तिगत हित के कारण मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भेजने की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बिहार सरकार का मकसद लोगों को अपने जिले और नजदीकी सरकारी अस्पतालों में ही बेहतर इलाज दिलाना है। इससे मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा। स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा। बिहार को हेल्थ सेक्टर में मजबूत बनाने का सरकार का मकसद भी पूरा होगा।

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राबड़ी देवी और लालू परिवार पर कसा तंज

मुजफ्फरपुर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में राजतंत्र नहीं लोकतंत्र है। राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करना ही पड़ेगा। बिहार संविधान और कानून के अनुसार चलेगा। माता, पिता, बेटे को अलग-अलग सरकारी आवास नहीं मिलेगा और कानून के अनुसार सरकारी आवास खाली करना ही पड़ेगा। सरकार-पुलिस को इसे खाली करवाने से कोई नहीं रोक सकता। नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री का पद छोड़ा तो सरकारी आवास भी समय से खाली कर दिया। राबड़ी देवी को भी खाली करना होगा। फिर उन्हें नया आवास अलॉट किया गया है तो इस आवास को खाली करने में पता नहीं क्या समस्या है?

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