Bihar Chunav 2025: बिहार विधानभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे चुनावी बयानबाजियां और एक-दूसरे को नीचा दिखाने वाली चीजें होती रहेंगी. जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर उर्फ पीके इस बार NDA और INDIA ब्लॉक के सामने कड़ी टक्कर दे रहे हैं. प्रशांत किशोर ने पटना में कॉन्फ्रेंस कर अपनी पार्टी की फंडिंग पर लगे आरोपों की सफाई पेश की है. उन्होंने कहा कि वे बिहार में कमाने नहीं आए हैं बल्कि सेवा करने आए हैं. उन्हें बाकी नेताओं जैसा न समझा जाए.
3 साल का बहीखाता खोला
प्रशांत किशोर ने कॉन्फ्रेंस में पिछले 3 सालों का अपनी पार्टी का बहीखाता खोलकर सामने पेश किया है. उन्होंने तीन साल में कहां-कहां से पैसे कमाए और कितना टैक्स और GST दिया है, ये सब कुछ बताया है. उन्होंने अपने बैंक अकाउंट की जानकारी भी दी है. उतना ही नहीं, उन्होंने पार्टी को मिले चंदे का भी ब्यौरा दिया है.
241 करोड़ रुपए कमाए
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीके ने बताया कि पिछले 3 सालों में कंसलटेंट के तौर पर उन्होंने 241 करोड़ रुपए कमाए हैं. इसका मतलब यह है कि प्रशांत किशोर ने 1 साल में 80 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है. उन्होंने इसके साथ-साथ हर साल 31 करोड़ रुपये जीएसटी भी दिया है. यानी प्रतिवर्ष 10 करोड़ से ज्यादा GST भरी गई है. इसके अलावा उन्होंने 20 करोड़ से ज्यादा इनकम टैक्स भी जमा करवाया है.
कंसल्टेंसी असाइनमेंट से कमाए 11 करोड़ रुपए
प्रशांत किशोर ने कॉन्फ्रेंस में बताया कि उन्होंने एक कंसल्टेंसी असाइनमेंट से 11 करोड़ रुपए की कमाई की थी. इसके लिए उन्हें एक कंपनी ने हायर किया था जिसके लिए उन्हें अच्छी-खासी फीस मिली थी. कंपनी ने उन्हें 11 करोड़ रुपये दिए थे जिसमें उन्हें एक प्रोडक्ट को लॉन्च करने की रणनीति बनानी थी. इसके लिए पीके ने साफ-साफ कहा कि वे ED और अन्य सभी जांच एजेंसियों से अपनी कमाई की जांच करवाने के लिए तैयार हैं.
कितनी है प्रशांत की नेटवर्थ?
जनसुराज पार्टी के संस्थापक की कुल नेटवर्थ की बात करें तो वह करोड़ों में है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीके की दौलत 45 से 60 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है. उन्होंने कंसलटेंसी फर्म के जरिए अलग-अलग पार्टियों के लिए चुनावी कैंपेन किए हैं जिससे उन्होंने 100 करोड़ रुपए तक की फीस ली है. प्रशांत ने साल 2014 में बीजेपी, 2015 में जेडीयू और दिल्ली में आम आदमी पार्टी के लिए भी चुनावी कैंपेन किया है.