अब बिहार में नहीं गिरेंगे पुल, सरकार बना रही है 'हेल्थ कार्ड', पटना पहुंचने में लगेंगे महज 5 घंटे

बिहार सरकार ने पुलों की सुरक्षा और संधारण को लेकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। ‘बिहार राज्य पुल प्रबंधन एवं संधारण नीति-2025’ के तहत अब सभी पुलों और पुलियों का हेल्थ कार्ड तैयार किया जाएगा। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन के अनुसार, यह भारत की पहली नीति है जो विशेष रूप से पुलों के रखरखाव पर केंद्रित है। पढ़ें पटना से अमिताभ ओझा की रिपोर्ट।

Bihar Bridge Collapse

बिहार में अब जारी होगा 'हेल्ड कार्ड'

विज्ञापन

Bihar News: बिहार में कभी पुल और पुलियों के गिरने की घटनाएं आम बात बन गई थीं लेकिन अब बिहार में पुलों के लिए हेल्थ कार्ड बनाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने पुलों की सुरक्षा और टिकाऊपन को लेकर एक दूरदर्शी नीति तैयार की है। अब सभी पुलों और पुलियों की नियमित जांच, देखरेख और रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए उनका हेल्थ कार्ड तैयार किया जाएगा।

Advertisment

राजधानी की दूरी होगी कम

बिहार में सड़कों का ऐसा जाल बिछाया गया है कि अब राज्य के किसी भी हिस्से से राजधानी पटना तक अधिकतम पांच घंटे में पहुंचा जा सकता है लेकिन यह समय वर्ष 2027 तक घटाकर सिर्फ साढ़े तीन घंटे करने का लक्ष्य है। यह लक्ष्य पथ निर्माण विभाग के विजन-2020 का हिस्सा है, जिसे राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से पूरा कर रही है।

पुलों का हेल्थ कार्ड और संधारण नीति का प्रारंभ

पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन के अनुसार, इस योजना की आधारशिला वर्ष 2022-23 के बजटीय भाषण में रखी गई थी। इसके बाद 3 जून 2025 को मंत्रिपरिषद से स्वीकृति मिलने के साथ “बिहार राज्य पुल प्रबंधन एवं संधारण नीति-2025” को विधिवत लागू कर दिया गया। यह भारत का पहला ऐसा राज्य बना, जिसने पुलों के संधारण के लिए समर्पित नीति को अमल में लाया है।

पुलों का आंकड़ा और चुनौती

राज्य में बीते 18 वर्षों में पथ निर्माण विभाग ने 3,968 पुलों का निर्माण कराया है, जिनमें 532 बड़े ब्रिज और ओवरब्रिज शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में पुलों के निर्माण के बाद उनका वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन आवश्यक हो गया था। अक्सर देखरेख की उपेक्षा के चलते पुल क्षतिग्रस्त होते रहे हैं, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती थी। अब इस नीति के तहत पुलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।

विज्ञापन

संधारण से सुरक्षा और बचत दोनों

इस नीति से न केवल पुलों की लाइफ बढ़ेगी, बल्कि मरम्मत पर होने वाले खर्च में भी भारी कटौती होगी। इससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक यातायात मिलेगा। नीति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप “ब्रिज मेंटेनेंस प्रावधानों” के अनुसार तैयार किया गया है।

 

विज्ञापन

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 on Facebook, Twitter.

First published on:

Read more: About our editorial guidelines and standards here.

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ