Bihar BJP candidate First Second List Anyalsis: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए खेमे में सीट बंटवारे को लेकर चल रही रस्साकशी के बीच भाजपा ने 12 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की, जिसमें चार सिटिंग विधायकों का टिकट काटा गया. इससे पहले पहली लिस्ट में भी बड़े बदलाव देखने को मिले थे, उसमें 9 विधायकों के टिकट काटे गए थे. दूसरी सूची में जो सिटिंग विधायकों के टिकट काटे, उनमें बाढ़ से ज्ञानेंद्र कुमार ज्ञानू, गोपालगंज से कुसम देवी, छपरा से सीएन गुप्ता और अलीपुर से मिश्रीलाल यादव को टिकट नहीं दिया गया. वहीं, हाया घाट से विधायक राम चंद्र प्रसाद और रोसड़ा से विधायक वीरेंद्र कुमार को फिर से टिकट मिला है.
एनडीए में कुशवाहा को मिला “कंपनसेशन पैकेज”
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक के बाद महुआ विधानसभा सीट पर अपनी दावेदारी छोड़ने पर सहमति जताई है. अब यह सीट लोजपा (रामविलास) चिराग पासवान की पार्टी को जाएगी. इस तरह महुआ सीट पर अब लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का उम्मीदवार एनडीए गठबंधन की तरफ़ से चुनाव लड़ेगा.
महुआ के बदले मिलेगी दूसरी सीट
कुशवाहा के इस “सैक्रिफ़ाइस” के बदले उन्हें भविष्य में राजनीतिक “कंपनसेशन” देने पर सहमति बनी है. सूत्रों के मुताबिक़ बीजेपी नेतृत्व की ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया है कि महुआ के बदले उन्हें एक दूसरी “विनिंग” विधानसभा सीट दी जाएगी, जहां उनकी पार्टी का उम्मीदवार उतारा जाएगा.
बिहार विधान परिषद (MLC) की खाली हो रही तीन सीटों में से एक सीट उपेंद्र कुशवाहा को दी जाएगी. राज्यसभा की अगले वर्ष खाली होने वाली चार सीटों में से एक सीट पर भी उनका दावा सुनिश्चित किया गया है.
एनडीए में सीट शेयरिंग पर तनाव कम
सूत्रों के मुताबिक़ अमित शाह ने खुद इस बात का भरोसा दिलाया है कि एनडीए में उपेंद्र कुशवाहा की राजनीतिक भूमिका और सम्मान दोनों बरकरार रहेंगे. बीजेपी चाहती है कि एनडीए के अंदर जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को संतुलित रखा जाए — और महुआ सीट छोड़ना उसी “एडजस्टमेंट फॉर्मूले” का हिस्सा है. कहा जा रहा है कि इस समझौते के बाद अब एनडीए में सीट शेयरिंग पर तनाव कुछ कम हुआ है.
पहली सूची में भी भाजपा ने खेले थे बड़े दांव
भाजपा ने 71 उम्मीदवारों की पहली सूची में भी कई बड़े नामों के टिकट काटे थे, जबकि नए चेहरों और सामाजिक संतुलन पर पार्टी ने विशेष ध्यान दिया था. सबसे बड़ा बदलाव विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव को लेकर हुआ है. छह बार के विधायक रहे यादव का टिकट काटकर पार्टी ने पटना साहिब से रत्नेश कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया. भाजपा ने जिन 9 विधायकों के टिकट काटे, उनमें पटना साहिब से नंद किशोर यादव, कुम्हरार से अरुण सिन्हा, आरा से अमरेंद्र प्रताप सिंह, औराई से रामसूरत राय, रीगा से मोतीलाल साह, राजनगर से रामप्रीत पासवान, मुंगेर से प्रणव यादव और गौरा बौड़म से स्वर्ण सिंह शामिल थे.
नए उम्मीदवारों की एंट्री: इनकी जगह क्रमशः रत्नेश कुशवाहा (पटना साहिब), संजय गुप्ता (कुम्हरार), संजय टाइगर (आरा), रमा निषाद (औराई), बैद्यनाथ प्रसाद (रीगा), सुजीत पासवान (राजनगर), कुमार प्रणय (मुंगेर) और सुजीत सिंह (गौरा बौड़म) को टिकट दिया गया है.
मौजूदा मंत्रियों पर भरोसा बरकरार
पहली सूची में भाजपा ने कई मौजूदा मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं पर भरोसा बनाए रखा है. सम्राट चौधरी (तारापुर), विजय कुमार सिन्हा (लखीसराय), मंगल पांडेय (सिवान), नितिन नवीन (बांकीपुर), तारकिशोर प्रसाद, रेणु देवी (बेतिया), डॉ. प्रेम कुमार, नीरज कुमार बबलू (छातापुर), कृष्ण कुमार ऋषि, और राम नारायण मंडल को दोबारा टिकट मिला है.
नए समीकरण और सामाजिक संतुलन
पहली सूची में सभी समाजों को प्रतिनिधित्व दिया गया है. इसमें 17 ओबीसी, 11 अतिपिछड़ा, 8 महिलाएँ और 6 एससी-एसटी उम्मीदवार शामिल हैं.सामाजिक प्रतिनिधित्व की बात करें तो सूची में भूमिहार वर्ग के 11, ब्राह्मण के 7, राजपूत के 15 और कायस्थ वर्ग के 1 और 2 मारवाड़ी उम्मीदवार हैं. पार्टी के अनुसार, 50% से अधिक टिकट दलित, वंचित, पिछड़ा, अतिपिछड़ा और महिला वर्ग के उम्मीदवारों को दिए गए हैं.
पटना की चार सीटों पर बड़े बदलाव
राजधानी पटना की चार सीटों, पटना साहिब, कुम्हरार, दानापुर और विक्रम पर पार्टी ने उम्मीदवार बदले हैं. दानापुर से रामकृपाल यादव, जबकि विक्रम से कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए सिद्धार्थ सिंह को टिकट मिला है. औरंगाबाद से त्रिविक्रम सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है, जो पूर्व सांसद गोपाल नारायण सिंह के बेटे हैं.
महिला उम्मीदवारों को विशेष प्राथमिकता: पहली सूची में 8 महिला उम्मीदवारों को जगह दी गई है. इनमें रेणु देवी (बेतिया), देवंती यादव (नरपतगंज), स्वीटी सिंह (किशनगंज), निशा सिंह (प्राणपुर), और कविता देवी (कोढ़ा) जैसे नाम प्रमुख हैं.
नए चेहरे और युवा उम्मीदवार: तेघड़ा से रजनीश सिंह, कटोरिया से पुरन लाल, गुरुआ से उपेंद्र दांगी, और अरवल से मनोज शर्मा को मौका मिला है.