Bihar Upcoming Expressway: बिहार में सड़क और परिवहन व्यवस्था को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने बेहद महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है. सूबे में गंगा और गंडक नदी के किनारे करीब 220 किलोमीटर लंबे तीन नए 4-लेन रिवरफ्रंट एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. इस बेहद खास परियोजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के सुदूर इलाकों को शानदार सड़क नेटवर्क से जोड़ना और व्यापारिक गतिविधियों को तेज करना है. बिहार राज्य पथ विकास निगम ने प्रोजेक्ट से जुड़ी शुरुआती कागजी प्रक्रियाओं के लिए टेंडर भी जारी कर दिया है, जिसमें डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर), जमीन अधिग्रहण और पर्यावरण मंजूरी जैसे काम शामिल हैं. सरकार को पूरा भरोसा है कि ये एक्सप्रेसवे आने वाले समय में बिहार की आर्थिक तरक्की की नई कहानी लिखेंगे.
बिहार में कब तैयार होंगे 3 नए एक्सप्रेसवे?
इस पूरी योजना को जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने समय सीमा तय कर दी है. चुनी गई एजेंसियां अगले 12 महीनों के भीतर सर्वे, टेक्निकल स्टडी और दूसरी जरूरी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर लेंगी, जिसके बाद निर्माण की कुल लागत और फाइनल डिजाइन तय की जाएगी. इन तीनों एक्सप्रेसवे का निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल के तहत किया जाना है. इस मॉडल में प्राइवेट कंपनियां प्रोजेक्ट के निर्माण में पैसा लगाएंगी और बाद में टोल टैक्स वसूलकर अपनी लागत निकालेंगी. इससे फायदा यह होगा कि राज्य सरकार पर तुरंत कोई बड़ा वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा और सरकारी पैसे का इस्तेमाल दूसरी विकास योजनाओं में हो सकेगा. सरकार का पूरा फोकस बिहार को हाई-स्पीड रोड नेटवर्क से जोड़कर नए निवेश को आकर्षित करना है.
यह भी पढ़ें: तेजप्रताप-लालू-राबड़ी को बड़ा झटका, बिहार की BJP सरकार ने घटाई सुरक्षा, तेजस्वी यादव पर दिखाई मेहरबानी
जानें तीनों एक्सप्रेसवे रूट की डिटेल
इस प्रोजेक्ट के तहत जिन तीन नए एक्सप्रेसवे को मंजूरी मिली है, वे बिहार के अलग-अलग हिस्सों की सूरत बदल देंगे. पहला ‘विश्वामित्र पथ’ करीब 90 किलोमीटर लंबा होगा, जो पटना के मनेर से शुरू होकर आरा के रास्ते बक्सर तक जाएगा और वहां यूपी के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा, जिससे दिल्ली-लखनऊ का सफर बेहद आसान हो जाएगा. दूसरा ‘गंगा अंबिका पथ’ लगभग 56 किलोमीटर लंबा होगा, जो बिदुपुर, सोनपुर और दिघवारा को आपस में जोड़कर पटना के ट्रैफिक जाम को कम करेगा. तीसरा ‘नारायणी पथ’ करीब 74 किलोमीटर लंबा होगा, जिसे गंडक नदी के किनारे सोनपुर से गोपालगंज तक बनाया जाएगा. यह मार्ग आगे चलकर देश के महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से मिल जाएगा, जिससे सारण और गोपालगंज में व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी.
बिहार में एक्सप्रेसवे बनने से सबसे ज्यादा फायदा किसे होगा?
आर्थिक मामलों के जानकारों का मानना है कि इन तीनों एक्सप्रेसवे के लिए रूट का चुनाव बहुत समझदारी से किया गया है. ये सड़कें मुख्य रूप से नदी के किनारों और दियारा क्षेत्रों से होकर गुजरेंगी, जहां आबादी बहुत कम है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जमीन अधिग्रहण से जुड़े विवाद और कानूनी अड़चनें बहुत कम आएंगी, जिससे प्रोजेक्ट समय पर पूरा हो सकेगा. उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और नेशनल ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से सीधा जुड़ाव होने के कारण बिहार के उद्योगों, खेती और कारोबार को सीधा फायदा पहुंचेगा. फैक्ट्रियों और खेतों का माल बाहर भेजना सस्ता हो जाएगा, जिससे निवेशकों का भरोसा बिहार पर बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए मौके पैदा होंगे.
संबंधित खबरें
बिहार में बड़ा हादसा, नदी में डूबने से 11 बच्चों की मौत, मुआवजे का ऐलान
1 day agoBJP ने पार्टी के 2 नेताओं को 6 साल के लिए किया निष्कासित, जानिए वजह
2 days agoप्रह्लाद जोशी की मौजूदगी में सम्राट चौधरी का शिक्षा पर फोकस
3 days agoयूपी-बिहार से लेकर केरल तक बारिश का अलर्ट, इन राज्यों में आंधी की चेतावनी
6 days agoपटना से लखनऊ आ रही फ्लाइट पर गिरी आकाशीय बिजली, मची चीख पुकार
6 days agoचिराग पासवान के एक और विधायक पर गिरी गाज, ठेकेदार ने लगाया रंगदारी का आरोप
8 days agoसम्राट चौधरी ने ₹122 करोड़ के सासाराम बाईपास का किया लोकार्पण
8 days agoपटना में पुलिस कार्रवाई के डर से पुनपुन नदी में कूदे 60 लोग, 2 की मौत
8 days agoदिल्ली-यूपी, बिहार में कल कैसा रहेगा मौसम, IMD ने दिया राज्यों का अपडेट
11 days agoबिहार बन सकता है बाढ़ मुक्त राज्य! नितिन गडकरी ने CM सम्राट से मांगी मंजूरी
13 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines