चुनाव के लिए पहली सूची की घोषणा पर जन सुराज के कार्यकर्ताओं का विरोध देखने को मिला है. कुछ उमीदवारों का नाम लिस्ट में देखकर जनसुराज के कार्यकर्ताओं में नाराजगी है. प्रमुख तौर पर पूर्व JDU नेता RCP सिंह की बेटी लता सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने से नाराजगी देखने को मिल रही है.
---विज्ञापन---
सारण जिले के भी जनसुराज के कार्यकर्ता नाराज दिखे. टिकट ना मिलने पर नाराज जनसुराज की कार्यकर्ता पुष्पा सिंह ने कहा, "सभी पार्टी को छोड़ कर हमने जन सुराज के प्रशांत किशोर पर भरोसा किया. जब से उनकी पैदल यात्रा चली है उनके साथ हम चले हैं. मुझे टिकट नहीं मिला. जिसके नाम की घोषणा की गई है वे मशरक गांव में घूमने भी नहीं आया है. इंसाफ नहीं हुआ है.
---विज्ञापन---
इस पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा, "आज जिन लोगों को टिकट नहीं मिला, उनके लिए थोड़ा गुस्सा या निराशा महसूस करना स्वाभाविक है, लेकिन वे जानते हैं कि जन सुराज में धन या बाहुबल का कोई प्रभाव नहीं है. हमने समाज से किए गए वादों को पूरा किया है और बिहार में जन सुराज स्थापित करने में केवल 243 लोगों ने नहीं, बल्कि हजारों लोगों ने योगदान दिया है, जिनमें से 243 चुनाव लड़ रहे हैं.
---विज्ञापन---
जिन लोगों को जन सुराज ने टिकट दिया है उसमें पूर्व आईपीएस अधिकारी आरके मिश्रा का नाम भी शामिल हैं. आरके मिश्रा को 1989 के भागलपुर दंगों को नियंत्रित करने में उनकी निर्णायक भूमिका के लिए जाना जाता है. आरके मिश्रा बाद में बिहार के डीजीपी बने. वह शुरुआत से ही जनसुराज के साथ जुड़े हुए हैं. दरभंगा से आरके मिश्रा को टिकट मिला है, वह 1986 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं.
---विज्ञापन---
पूर्व सीएम की पोती को भी टिकट
जागृति ठाकुर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के छोटे बेटे वीरेंद्र नाथ ठाकुर की बेटी हैं. जागृति ठाकुर के चाचा रामनाथ ठाकुर जेडीयू के राज्य सभा सांसद हैं और नरेंद्र मोदी की कैबिनेट का हिस्सा भी हैं. जागृति ठाकुर को जनसुराज ने मोरबा से मैदान में उतारा है.
---विज्ञापन---