बिहार के छपरा में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उस समय माहौल बेहद हल्का-फुल्का और खुशनुमा हो गया, जब केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंच से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर एक मजेदार तंज कसा. रेल मंत्री ने मजाकिया लहजे में कहा कि उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री से डर लगता है, क्योंकि वे बात-बात पर अधिकारियों को सस्पेंड करने की बात करते हैं. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हंसते हुए कहा, "मुझे बिहार के मुख्यमंत्री से डर लगता है. वे लगातार अधिकारियों को सस्पेंड करने की धमकी देते रहते हैं. इसलिए मुख्यमंत्री जी, आप हमें कम से कम सस्पेंड मत कीजिएगा." रेल मंत्री के इस चुटीले अंदाज को सुनकर मंच पर बैठे नेता और सामने मौजूद आम जनता जोर से हंस पड़ी और पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा.
39वें दिन ही पूरा कर दिया वादा
इस हंसी-मजाक के बीच रेल मंत्री ने बिहार के विकास को लेकर किए गए अपने वादों का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को 40 दिनों के भीतर दो बड़े वादे पूरे करने का भरोसा दिया था. इसमें पहला वादा 'दोहरीघाट रेलवे लाइन का वाराणसी तक विस्तार' करना था और दूसरा 'छपरा से आनंद विहार (दिल्ली) के लिए नई ट्रेन' शुरू करना था.
अश्विनी वैष्णव ने गर्व से कहा कि तय समय सीमा से एक दिन पहले, यानी आज 39वें दिन ही उन्होंने अपने दोनों वादे पूरे कर दिए हैं और बिहार की जनता को ये दोनों बड़ी सौगातें सौंप दी हैं.
पटना शहर से बाहर होंगे कोचिंग संस्थान, मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान
खान ग्लोबल कोचिंग और ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान विवाद के बाद बिहार सरकार ने कोचिंग संस्थानों को लेकर बड़ा फैसला लेने का संकेत दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि पटना शहर के भीतर संचालित कोचिंग संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से शहर के बाहर स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शहर के बाहर एक व्यवस्थित कोचिंग हब विकसित करेगी, जहां छात्रों के लिए पढ़ाई के साथ-साथ हॉस्टल, सुरक्षा, परिवहन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत योजना तैयार करने का निर्देश भी दिया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि भविष्य में शहर के भीतर कोचिंग संस्थान नहीं रहेंगे। इसके लिए सरकार जल्द ही एक व्यापक प्लान तैयार करेगी, ताकि छात्रों को बेहतर माहौल और सभी जरूरी सुविधाओं के साथ शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।