केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज बिहार के अररिया में सीमा सुरक्षा बल के कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान शाह ने जनता को संबोधित किया. शाह ने कहा, 'हम पूरे सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त करेंगे. आमतौर पर लोगों को नेता को वादे याद कराने पड़ते हैं. लेकिन मैं यहां की जनता को अपना वादा याद दिलाने आया हूं. घुसपैठिए गरीबों के अनाज की हकमारी करते हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इनको देश से बाहर करना जरूरी है. बिहार की सरकार से लेकर डीएम, एसपी से डिटेल मीटिंग करके हम एक्शन प्लान बना रहे हैं. सीमा से 10 किमी अंदर जितने भी अवैध अतिक्रमण हैं, उन्हें हटा दिया जाएगा.'
अररिया से शाह ने किया बड़ा ऐलान
अमित शाह ने अररिया में एसएसबी के कार्यक्रम से एक बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि 'हम एक-एक घुसपैठियों को भारत की भूमि से चुन-चुन कर बाहर कर देंगे. ये कोई चुनावी वादा नहीं है, ये क्रेंद की मोदी सरकार का संकल्प है. हमने वादा किया था कि घुसपैठियों को सीमांचल से बाहर निकाल देंगे. घुसपैठिए हमारे देश के रोजगार में भी देश के नौजवानों की उम्मीदों को क्षीण कर देते हैं. अब समय आ गया है कि समूचे देश में हर स्तर पर काम करके देश को घुसपैठियों से मुक्त कराने का अभियान चलाना होगा.'
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वहीं, अमित शाह ने आगे कहा कि सरकार ने फैसला किया है कि जन सांख्यिकी यानी डेमोग्राफी परिवर्तन की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति की घोषणा की जाएगी. वो समिति सिर्फ सीमा के इलाके नहीं, बल्कि पूरे देश की बदली डेमोग्राफी का गहराई से अध्ययन कर रिपोर्ट सौंपेगी.
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शाह ने कहा कि डेमोग्राफी में बदलाव को देखें तो इससे सबसे ज्यादा प्रभावित बिहार, बंगाल और झारखंड हैं. बंगाल में भी हम एक-एक घुसपैठियों को चुन-चुन कर बाहर भेजेंगे और इसकी शुरुआत बिहार से होगी.