नई दिल्ली: असम के मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारी सरकार ने कुछ SOP बनाया है। इसके मुताबिक, अगर आपके गांव में कोई इमाम आता है और आप उसे नहीं जानते हैं, तो तुरंत पुलिस स्टेशन को सूचित करें। जानकारी के बाद पुलिस उस इमाम का वैरिफिकेशन करेगी जिसके बाद ही वे गांव में रूक सकेंगे। असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम का हमारा मुस्लिम समुदाय इस काम में हमारी मदद कर रहा है।

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि हम इमाम और अन्य लोगों के लिए एक पोर्टल भी बना रहे हैं जो राज्य के बाहर से मदरसे में आ रहे हैं। जो लोग असम से हैं, उन्हें उस पोर्टल में अपना नाम दर्ज करने की आवश्यकता नहीं है, बाहर के लोगों को पोर्टल में अपना नाम दर्ज करना होगा।

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रविवार को पकड़े गए थे दो संदिग्ध आतंकी

बता दें कि एक दिन पहले यानी रविवार को असम पुलिस ने गोलपारा जिले के मटिया से अलकायदा से जुड़े दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि दोनों संदिग्ध अल-कायदा भारतीय उपमहाद्वीप (AQIS) और अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) से जुड़े हैं।

बताया जा रहा है कि घर की तलाशी से उनके कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और आईडी कार्ड के साथ अल-कायदा, जिहादी तत्वों, पोस्टर और अन्य दस्तावेजों से संबंधित बहुत सारी आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई। बता दें कि अंसारुल्ला बांग्ला संगठन का अलकायदा की भारतीय उपमहाद्वीपीय शाखा से जुड़ाव है। अंसारुल्ला बांग्ला को अंसारुल्ला इस्लाम नाम से भी जाना जाता है। ये प्रतिबंधित संगठन है।

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