नई दिल्ली: टीम इंडिया के ओपनर मुरली विजय ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। विजय ने एक लंबा नोट लिखकर अपने संन्यास का ऐलान किया। उन्होंने सोमवार (30 जनवरी) को ट्विटर पर बताया कि वह अब विदेशी लीगों में अपनी किस्मत आजमाएंगे।
मुरली विजय ने अपने संदेश में लिखा, मैं इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूं। 2002 से 2008 तक मेरा सफर शानदार रहा क्योंकि मैंने भारत के लिए अपना योदगान दिया। मैं अपनी ओर से बीसीसीआई, तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन, चेन्नई सुपर किंग्स का शुक्रिया अदा करता हूं।
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विजय ने कहा, ''मेरी टीम के सभी साथियों, कोच, मेंटर और सपोर्ट स्टाफ के लिए, आप सभी के साथ खेलना मेरे लिए सौभाग्य की बात है और मैं आप सभी को मेरे सपने को हकीकत में बदलने में मदद करने के लिए धन्यवाद देता हूं। अंतरराष्ट्रीय खेल के उतार-चढ़ाव के दौरान जिन क्रिकेट प्रशंसकों ने मेरा समर्थन किया है, वे हमेशा उन पलों को याद रखेंगे जो मैंने आप सभी के साथ बिताए हैं और आपका समर्थन हमेशा मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है।''
पर्थ में खेला आखिरी टेस्ट
विजय ने भारत के लिए आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच दिसंबर 2018 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ में खेला था। उन्होंने 61 टेस्ट, 17 वनडे और नौ टी20 मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। साल 2014-15 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मुरली विजय का बल्ला खूब चला था। मुरली विजय ने ब्रिस्बेन टेस्ट में शतक लगाकर ऑस्ट्रेलिया को 440 वोल्ट का झटका दिया। जब टीम मुश्किल में थी तब विजय ने शतक लगाया था।
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टेस्ट के क्लासिक बल्लेबाज थे मुरली विजय
मुरली विजय ने भारत के लिए 61 टेस्ट मैच खेले हैं, इनमें उनके नाम 3982 रन हैं। इनमें 38.28 की औसत से उन्होंने रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 15 अर्धशतक हैं। उन्होंने 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नागपुर में पहला टेस्ट खेला था। 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अहमदाबाद में पहला वनडे और उसी साल अफगानिस्तान के खिलाफ ग्रॉस आइसलेट में पहला टी20 खेला था।
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