IND vs AUS: वाशिंगटन सुंदर को थर्ड अंपायर ने क्यों दिया नॉट आउट? जानें MCC का नियम
Edited By Pushpendra Sharma

IND vs AUS 3rd ODI Why Washington Sundar Not Given Run Out By Third Umpire Know MCC Rule
Edited By Pushpendra Sharma

IND vs AUS 3rd ODI Why Washington Sundar Not Given Run Out By Third Umpire Know MCC Rule
Washington Sundar Not Run Out IND vs AUS 3rd ODI: भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच बुधवार को राजकोट में खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में दर्शकों को एक सरप्राइज मिला। टीम इंडिया जब 354 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो ओपनिंग करने वाशिंगटन सुंदर आए। रोहित ने उन्हें ओपनिंग पार्टनर के तौर पर चुना। हालांकि सुंदर दूसरे ओवर में आउट होने से बाल-बाल बच गए। इसके बाद अंपायर के फैसले को लेकर फैंस के बीच चर्चा शुरू हो गई। फैंस दो हिस्सों में बंट गए। एक का कहना था कि सुंदर आउट थे, तो वहीं दूसरी ओर कुछ ने उन्हें आउट माना है। इस चर्चा में कमेंटेटर भी शामिल रहे।
हुआ यूं कि जोश हेजलवुड ने सुंदर को गेंद डाली तो उन्होंने इसे मिडविकेट की ओर घुमा दिया। वे तेजी से भागे, लेकिन यहां खड़े ऑस्ट्रेलिया के सब-फील्डर ने शानदार थ्रो फेंक गिल्लियां बिखेर डालीं। इस रनआउट पर निर्णय लेने के लिए तीसरे अंपायर की मदद ली गई। हालांकि उन्हें भी निर्णय लेने में माथापच्ची करनी पड़ी। रीप्ले में देखा गया कि जब सुंदर का बल्ला क्रीज के अंदर वाली लाइन तक पहुंचा, तब तक बॉल सिर्फ स्टंप पर लगी थी। जबकि अंदर जाने के बाद गिल्लियां उड़ती दिखाई दीं। अंपायर ने आखिरकार उन्हें नॉटआउट करार दे दिया।
13 Crore i.e. almost 10% of national population are watching this #IndAus match on @JioCinema right now? Are you kidding me? pic.twitter.com/pBZUOvmsvX
— Prasun Maitra(প্রসূন মৈত্র) (@prasunmaitra) September 27, 2023
उन्हें नॉट आउट करार दिए जाने के बाद कमेंट्री बॉक्स में बैठे आकाश चोपड़ा ने कहा कि क्या बेल्स हटने के बाद लाइट जलना इम्पॉर्टेंट है क्योंकि कई इंटरनेशनल मैचों में तो वह भी नहीं जलती। कई मैचों में लकड़ी की बेल्स इस्तेमाल की जाती हैं, वहीं कई बेल्स में लाइट्स नहीं होतीं। तो ऐसे में सुंदर आउट होते या नॉटआउट? आकाश ने इसके लिए एशियन गेम्स का भी हवाला दिया। वहां क्रिकेट मैचों में लाइट्स वाली बेल्स नहीं हैं।
https://twitter.com/thedumboguy/status/1707009687621894520
क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्था मेरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) के नियम 38 में रनआउट को परिभाषित किया गया है। इसके नियमों को आसान भाषा में समझें तो किसी भी बल्लेबाज को रनआउट तब माना जाता है जब वह रन पूरा नहीं कर पाता। यानी उसका बल्ला क्रीज तक पूरा नहीं पहुंच पाता। वहीं नियम 29.1.1.5 कानून के अनुसार, बेल्स के दोनों किनारे स्टंप से हटाने की जरूरत होती है, जिससे बल्लेबाज को रन आउट करार दिया जा सके। वाशिंगटन सुंदर के मामले में जब उनका बल्ला क्रीज के अंदर गया तब बॉल भले ही स्टंप तक लग चुकी थी, लेकिन गिल्लियां नहीं हटी थीं। ऐसे में उन्हें नॉटआउट करार दिया गया।
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