Mankading: Harsha ये जरूरी है क्या...? हर्षा भोगले के ट्वीट से तिलमिला गए बेन स्टोक्स

harsha bhogle ben stokes deepti sharma

harsha bhogle ben stokes deepti sharma

नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेटर दीप्ति शर्मा द्वारा इंग्लैंड की खिलाड़ी को ‘मांकड़’ रनआउट करने के बाद इसे लेकर शुरू हुई बहस रुकने का नाम नहीं ले रही है। तमाम तर्कों के बीच भारत के दिग्गज कांमेट्रेटर हर्षा भोगले (Harsha Bhogle) ने शुक्रवार को ट्विटर पर अपना पक्ष रखा और इंग्लैंड के कल्चर पर भी सवाल खड़े कर दिए। इस पर आज इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स (Ben Stokes) ने अपना पक्ष रखा और हर्षा से कई सवाल भी पूंछे।

विज्ञापन
विज्ञापन

बेन स्टोक्स ने हर्षा भोगले द्वारा किए गए 8 ट्विट पर उनसे सवाल पूछा है और ट्वीट किया है कि ‘हर्षा एक मांकड़ रनआउट के चक्कर में लोगों के कल्चर को अपने ओपिनियन में लाना जरुरी है क्या? उन्होंने इसके साथ ही 2019 वर्ल्ड कप में हार के बाद भारतीय फैंस द्वारा उनके खिलाफ की गई टिप्पणियों के बारे में भी जिक्र किया और लिखा कि ‘ वर्ल्ड कप 2019 को 2 साल से भी ज्यादा हो गए हैं लेकिन मुझे आज भी भारतीय लोगों द्वारा हर तरह के मैसेज आते हैं क्या ये आपको परेशान नहीं करते ?

विज्ञापन

बेन स्टोक्स यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे ये भी लिखा कि इंग्लैंड अकेला देश नहीं है जिसने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी, बाकी देशों का क्या? बेन स्टोक्स ने ये भी लिखा कि ‘ये क्या सिर्फ एक कल्चर की चीज़ है?.. मेरे पास विश्व भर के लोगों के इस घटना के खिलाफ मैसेज आ रहे हैं उनमें सब इंग्लैंड के नहीं है।’

विज्ञापन

हर्षा भोगले ने ट्वीट में कही थी ये बात

भारत के दिग्गज कांमेट्रेटर हर्षा भोगले ने अपने ट्वीट में शुक्रवार को ट्विटर पर एक लंबी थ्रेड के जरिए इस मसले पर बात की और बताया कि किस तरह इंग्लैंड, जहां क्रिकेट पैदा हुआ वो अपनी सोच अन्य लोगों, देशों पर थोपने की कोशिश कर रहा है। हर्षा ने इसमें इंग्लैंड की संस्कृति पर भी सवाल उठाया था और लिखा था कि मुझे लगता है कि इसके पीछे संस्कृति का हाथ है। अंग्रेज़ ये सोच रहे हैं कि जो हुआ वो ग़लत था और क्यूंकि उन्होंने क्रिकेट की दुनिया के बेहद बड़े हिस्से पर राज किया इसीलिए उन्होंने सभी को बताया कि ये गलत है।’

विज्ञापन

उन्होंने आगे इंग्लैंड की संस्कृति पर बोलते हुए कहा था कि ‘ये संस्कृति का मुद्दा है, ऐसा मैं इसलिये कह रहा हूं क्यूंकि ये ऐसी ही सोच के साथ बड़े होते हैं। इन्हें नहीं समझ में आता कि ये ग़लत है। ऐसे में समस्या खड़ी होती है और इसमें हम भी तब दोषी पाये जाते हैं जब लोग एक-दूसरे के नज़रिये के कारण लोगों को जज करते हैं. इंग्लैंड चाहता है कि बाकी के देश नॉन-स्ट्राइकर बल्लेबाज़ को रन आउट न करे और वो दीप्ति और ऐसा करने वाले बाकी खिलाड़ियों के प्रति बेहद आलोचनात्मक और कटुता से भरे रहे हैं। ऐसे में हम भी ये पुरज़ोर कोशिश कर रहे हैं कि बाकी लोग भी सदियों पुरानी इस गहरी नींद से जागें।’

विज्ञापन

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ