Gautam Gambhir: भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड दौरे के लिए रवाना हो चुकी है। रवाना होने से पहले टीम के नए हेड कोच गौतम गंभीर और टेस्ट टीम के नए कप्तान शुभमन गिल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान पत्रकारों ने दोनों से कई अहम सवाल पूछे। खासकर कोच बनने के बाद दबाव को लेकर जब गंभीर से सवाल किया गया, तो उन्होंने बिना किसी हिचक के अपनी बात रखी। गंभीर और शुभमन गिल के लिए इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज कड़ी चुनौती होने वाली है, क्योंकि इस सीरीज से पहले रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टेस्ट से संन्यास का ऐलान कर दिया था।
क्यों दबाव में हैं गौतम गंभीर?
गौतम गंभीर ने साफ कहा कि वह हमेशा दबाव में रहते हैं। उन्होंने कहा कि मैं चाहे किसी भी सीरीज में रहूं, मुझे हमेशा दबाव महसूस होता है। न्यूजीलैंड सीरीज के बाद भी दबाव था, ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद भी। यहां तक कि जब हमने चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी, तब भी मैं प्रेशर में था। उन्होंने कहा कि जब आप भारत के कोच होते हैं, तो हर मैच में नतीजे की उम्मीद होती है और यह जिम्मेदारी हमेशा बनी रहती है।
गंभीर ने बताया कि कोच बनने के बाद टीम के प्रदर्शन की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर आती है। इसलिए वे हर मैच को जीतने की कोशिश करते हैं और यही वजह है कि हर समय उन पर दबाव बना रहता है।
बुमराह को लेकर भी गंभीर का बड़ा बयान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जसप्रीत बुमराह की उपलब्धता को लेकर भी सवाल पूछा गया। गौतम गंभीर ने कहा कि अभी यह तय नहीं है कि बुमराह पांच टेस्ट में से कौन-से तीन खेलेंगे। उन्होंने कहा, "यह जरूरी नहीं है कि वह सिर्फ तीन मैच ही खेलें। हम परिस्थितियों को देखकर फैसला लेंगे।
गंभीर ने यह भी माना कि बुमराह जैसे तेज गेंदबाज की जगह लेना आसान नहीं है। लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि भारत के पास और भी अच्छे और युवा गेंदबाज हैं जो इस जिम्मेदारी को निभा सकते हैं। आखिरी में, शुभमन गिल ने भी कहा कि टीम का माहौल सकारात्मक है और खिलाड़ी इंग्लैंड में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।