Commonwealth Games 2026: ग्लास्गो में चल रहे राष्ट्रमंडल खेल 2026 से भारत के लिए बेहद शानदार खबर सामने आई है. तमिलनाडु के 27 वर्षीय भारोत्तोलक राजा मुथुपंडी ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में कुल 286 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम कर लिया है. उन्होंने स्नैच दौर में 126 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 160 किग्रा का शानदार भार उठाया. यह पदक उनके लिए बेहद खास है क्योंकि साल 2019 में कोहनी की गंभीर सर्जरी के बाद उनका करियर लगभग खत्म माना जा रहा था. राजा मुथुपंडी ने अपने दृढ़ संकल्प के दम पर ट्रैक पर वापसी की और भारत का नाम पूरी दुनिया में फिर से रोशन किया.
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चोट से उबरकर राष्ट्रीय चैंपियन बनने तक का सफर
राजा मुथुपंडी का खेल करियर काफी संघर्षों भरा रहा है. साल 2019 के राष्ट्रमंडल चैम्पियनशिप के दौरान उनकी दाहिनी कोहनी का लिगामेंट टूट गया था. इस चोट के कारण उन्हें लंबे समय तक मैदान से बाहर रहना पड़ा और फिर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से वापसी करनी पड़ी. साल 2025 में अहमदाबाद में आयोजित राष्ट्रमंडल वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतकर उन्होंने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. इसके बाद साल 2026 में 302 किग्रा का कुल भार उठाकर उन्होंने सीनियर नेशनल खिताब जीता और साबित किया कि वे देश के सबसे बेहतरीन वेटलिफ्टरों में से एक हैं.
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राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत का बढ़ा मान
ग्लास्गो में राजा मुथुपंडी का यह शानदार प्रदर्शन भारत के लिए पदक तालिका में अहम साबित हुआ है. इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक मलेशिया के अजनिल बिदिन ने राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड बनाते हुए हासिल किया. राजा मुथुपंडी का यह पदक उस दिन भारोत्तोलन में भारत का तीसरा पदक था. इससे पहले ऋषिकांत सिंह चनंबम ने रजत और मीराबाई चानू ने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता था. राजा की इस उपलब्धि के साथ ही राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है, जिसमें एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं.
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