Vaibhav Sooryavanshi: भारत के युवा सनसनी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आज वर्ल्ड क्रिकेट के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में से एक हैं. महज 15 साल की उम्र में वैभव ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना ली है. IPL 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन करने के बाद वैभव ने जुलाई में इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया के लिए अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया और इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में धमाल मचाते हुए प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड भी अपने नाम किया.
हालांकि, अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्हें एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला. इसी बीच इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर मोंटी पनेसर ने टी20 क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से प्रभावित करने वाले वैभव के टेस्ट क्रिकेट में उनकी संभावनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है. पनेसर का मानना है कि वैभव के पास फिलहाल टेस्ट क्रिकेट के लिए जरूरी तकनीक नहीं है.
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'वैभव सूर्यवंशी के पास टेस्ट क्रिकेट के लिए जरूरी तकनीक नहीं'
वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में ही कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं. वैभव ने टी20 क्रिकेट में अपने विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट दिग्गजों को चौंका दिया है. हालांकि, अभी वह वनडे और टेस्ट क्रिकेट में नियमित रूप से नहीं खेल रहे हैं. हाल ही में वैभव घरेलू रेड बॉल क्रिकेट दलीप ट्रॉफी में खेलते नजर आए थे, जहां उन्होंने काफी अच्छा प्रदर्शन किया था. वह टेस्ट क्रिकेट के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं.
इसी बीच मोंटी पनेसर ने माइकल क्लार्क के साथ Beyond23 Cricket Podcast पर बातचीत के दौरान कहा, "मुझे नहीं लगता कि वैभव सूर्यवंशी टेस्ट क्रिकेट खेल पाएंगे. हैरी ब्रूक इस समय टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल, दोनों में टॉप-10 में शामिल एकमात्र खिलाड़ी हैं. लेकिन मुझे नहीं लगता कि सूर्यवंशी के पास टेस्ट क्रिकेट के लिए जरूरी तकनीक है."
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माइकल क्लार्क ने पनेसर की राय से सहमत नहीं
हालांकि, माइकल क्लार्क ने पनेसर की राय पर सहमती नहीं दिखाई और उनसे अलग बात रखते हुए कहा कि वैभव और मौजूदा दौर के दूसरे खिलाड़ी भी तीनों फॉर्मेट में खेल सकते हैं, बशर्ते वे इसके लिए अतिरिक्त मेहनत करने को तैयार हों. उन्होंने विराट कोहली और एबी डिविलियर्स का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने टेस्ट और टी20 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करके दिखाया है.
क्लार्क ने कहा, "मुझे लगता है कि वह तीनों फॉर्मेट खेल सकता है. विराट कोहली और एबी डिविलियर्स ने यह करके दिखाया है. वे शानदार टेस्ट क्रिकेटर होने के साथ-साथ अविश्वसनीय टी20 खिलाड़ी भी थे. अगर वैभव सूर्यवंशी जैसा मौजूदा पीढ़ी का कोई खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट में आता है, तो उसे देखना शानदार होगा."
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'वैभव गेंद को जल्दी पहचान लेते हैं'
क्लार्क ने आगे कहा कि मौजूदा क्रिकेट में पावर हिटिंग काफी अहम हो गई है और वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनकी आंखें हैं. क्लार्क के मुताबिक, वैभव गेंद को जल्दी पहचान लेते हैं और अलग-अलग परिस्थितियों में भारतीय टीम के साथ खेलने से उनकी तकनीक में और सुधार हो सकता है.
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उन्होंने कहा, "इस समय पावर सबसे बड़ी चीज है और उसके पास शानदार आंखें हैं. वह गेंद को अन्य युवा खिलाड़ियों की तरह ही अच्छी तरह चुनता है. अगर वह अलग-अलग परिस्थितियों में भारतीय टीम के साथ दौरा करता है तो उसकी तकनीक बेहतर होगी. वह काफी प्रतिभाशाली है और अगर वह खुद ऐसा करना चाहता है तो मुझे कोई वजह नहीं दिखती कि वह तीनों फॉर्मेट में सुपरस्टार क्यों नहीं बन सकता."
वैभव सूर्यवंशी का फर्स्ट क्लास करियर
वैभव सूर्यवंशी ने घरेलू रेड बॉल क्रिकेट में भी बल्ले से काफी अच्छा प्रदर्शन किया है. वैभव ने अब तक खेले 11 फर्स्ट क्लास मैचों की 17 पारियों में 23.47 की औसत से 399 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक भी शामिल हैं. उन्होंने हाल ही में ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच खेले गए दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में 92 रन और 40 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी.
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