Virat Kohli Retirement: विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। 14 साल लंबे टेस्ट करियर पर कोहली ने भावुक पोस्ट लिखते हुए फुल स्टॉप लगा दिया। विराट के संन्यास से करोड़ों भारतीय फैन्स का दिल टूट गया। हालांकि, सवाल यह है कि 36 साल की उम्र में ही पूरी तरह से फिट कोहली ने अचानक क्यों कर दिया संन्यास का ऐलान? आइए आपको बताते हैं किन तीन संभावित कारणों के चलते कोहली ने अपने पसंदीदा फॉर्मेट को कहा अलविदा।
खराब फॉर्म से बना प्रेशर
विराट कोहली लंबे समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे थे। वनडे में तो विराट के बल्ले से रन आ रहे थे, लेकिन टेस्ट में रनों का सूखा खत्म होने का नाम नहीं ले रहा था। न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में विराट बुरी तरह से फ्लॉप रहे थे। इसके बाद यही हाल ऑस्ट्रेलिया की धरती पर खेली गई बॉर्डर-गावस्कर सीरीज में भी रहा। खराब फॉर्म की वजह से विराट पर दबाव बढ़ रहा था। यह प्रेशर और बढ़ गया जब रोहित शर्मा ने अचानक से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया।
वनडे वर्ल्ड कप पर फोकस
माना जा रहा है कि विराट कोहली साल 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप पर पूरी तरह से फोकस करना चाहते थे और शायद इसी कारण के चलते उन्होंने टेस्ट को अलविदा कहने का फैसला लिया। टी-20 फॉर्मेट से पहले ही विराट संन्यास ले चुके हैं। वनडे का फॉर्मेट कोहली को खूब रास आता है। चैंपियंस ट्रॉफी में कोहली का प्रदर्शन भी धांसू रहा था।
मानसिक और शारीरिक थकान
मानसिक और शारीरिक थकान को भी विराट कोहली के रिटायरमेंट की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। कोहली पिछले 15 साल से तीनों ही फॉर्मेट खेल रहे हैं। पांच दिन के टेस्ट मैच में ज्यादा थकान होती है और खुद को हर वक्त तरोताजा रखना आसान नहीं होता है। शायद यही वजह है कि कोहली ने क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट से संन्यास लेने का फैसला लिया।