Sourav Ganguly Birthday Special: सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े और महान खिलाड़ियों में से एक माना जाता है। आज वो अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। सौरव ने 1992 में भारत के लिए डेब्यू किया था और वो अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे। गांगुली ही वो खिलाड़ी हैं, जिन्होंने कप्तान के तौर पर भारत को बेबाक अंदाज से खेलते हुए जीतना सिखाया। सौरव ने टीम की कमान संभालने के बाद कई सारे खिलाड़ियों को आगे आने का मौका दिया। आइए जानते हैं उन 10 बड़े खिलाड़ियों के बारे में जिनका करियर कप्तान सौरव गांगुली ने बनाया।

1. युवराज सिंह

युवराज सिंह को इतिहास के सबसे बड़े भारतीय खिलाड़ियों में से एक माना जा सकता है। 2000 में युवराज ने गांगुली की कप्तानी में डेब्यू किया था लेकिन उनके लिए शुरुआत कुछ खास नहीं रही। वो फेल हो रहे थे लेकिन गांगुली ने उनका समर्थन करके उनका बचाव किया। इसी का फायदा बाद में भारतीय टीम को मिला। युवराज ने भारत को टी20 वर्ल्ड कप 2007 और वनडे वर्ल्ड कप 2011 में जीत दिलाने में अहम किरदार निभाया।

2. वीरेंद्र सहवाग

वीरेंद्र सहवाग हमेशा से ही अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते आए हैं। उन्होंने 1999 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपना डेब्यू किया था। सौरव ने सहवाग की सफलता में बड़ा किरदार निभाया। उन्होंने मिडल ऑर्डर खिलाड़ी के रूप में शुरुआत की थी लेकिन गांगुली ने उन्हें ओपनिंग करने के लिए कहा। यहां से सहवाग का करियर बदल गया और उन्हें अब दिग्गज सलामी बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। उन्होंने टेस्ट और एकदिवसीय, दोनों फॉर्मेट में 8 हजार से ज्यादा रन बनाए हैं।

3. जहीर खान

जहीर खान भारतीय क्रिकेट टीम इतिहास के सबसे सफल लेफ्ट आर्म तेज गेंदबाज हैं। सौरव गांगुली ने जहीर को टीम में शामिल कराने में अहम किरदार निभाया और उन्हें लगातार मौके दिए। खान ने बढ़िया प्रदर्शन किया और और वो भारत के लिए कुल 610 विकेट झटकने में सफल हुए। अगर गांगुली उनपर विश्वास नहीं करते, तो शायद जहीर अपना बड़ा नाम नहीं बना पाते।

4. एमएस धोनी

एमएस धोनी भारत के सबसे सफल विकेटकीपर और कप्तानों में से एक रहे हैं। धोनी ने भी अपने करियर की शुरुआत सौरव के नेतृत्व में की थी। धोनी ने भले ही गांगुली की कप्तानी में ज्यादा मैच नहीं खेले लेकिन उन्हें दादा ने मौका दिया और उनके आक्रमक अंदाज पर भरोसा जताया। इसी वजह से भारत को धोनी जैसा महान खिलाड़ी मिल पाया।

5. हरभजन सिंह

हरभजन सिंह की सफलता में सौरव गांगुली का बहुत बड़ा किरदार था। गांगुली की कप्तानी में भले ही हरभजन ने डेब्यू नहीं किया लेकिन 2001 में जब अनिल कुंबले चोटिल हुए थे, तो दादा ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुख्य स्पिनर का किरदार दिया। हरभजन ने उस सीरीज में 32 विकेट लिए। इसके बाद से उनका करियर पूरी तरह से बदल गया। अपने करियर में उन्होंने 711 विकेट हासिल किए और सबसे सफल भारतीय स्पिनर्स में से एक बन गए।

6. मोहम्मद कैफ

मोहम्मद कैफ ने 2002 में अपना एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू किया था। उस समय भारतीय टीम में बदलाव का दौर था और सौरव गांगुली ने कैफ को मौके दिए। कैफ की सफलता में दादा का बड़ा किरदार रहा। उनकी अगुवाई में ही कैफ ने नेटवेस्ट सीरीज 2002 में युवराज सिंह के साथ शानदार साझेदारी की और मैच जीतने वाली पारी खेली।

7. इरफान पठान

इरफान पठान ने 2003 में सौरव गांगुली की कप्तानी में डेब्यू किया था। सौरव ने पठान को मात्र 19 साल की उम्र में टीम में जगह दी और लगातार उनका समर्थन किया। वो टीम में गेंदबाज के तौर पर आए थे लेकिन गांगुली ने उनकी बल्लेबाजी बेहतर कराने में बड़ा किरदार निभाया। पठान ने अपने इंटरनेशनल करियर में 301 विकेट झटके और बल्ले से तीनों प्रारूपों में कुल 2821 रन बनाए।

8. आशीष नेहरा

आशीष नेहरा ने सौरव गांगुली की कप्तानी में शानदार प्रदर्शन किया। गांगुली ने हमेशा ही नेहरा का समर्थन किया और खेलने के मौके देते रहे। आशीष ने अपनी तेज गेंदबाजी के दम पर वर्ल्ड कप 2003 में इंग्लैंड के खिलाफ 6 विकेट झटके थे। नेहरा ने भारत के लिए खेलते हुए कुल 235 विकेट झटके।

9. दिनेश कार्तिक

दिनेश कार्तिक को भारतीय टीम में लाने में सौरव गांगुली का अहम किरदार था। मात्र 19 साल के दिनेश को दादा ने 2004 में भारतीय टीम में जगह दिलाई। उन्होंने उसी साल अपना एकदिवसीय और टेस्ट डेब्यू किया था। कार्तिक को गांगुली ने बेहद कम उम्र में चांस देकर अपना विश्वास दिखाया। कार्तिक आगे चलकर IPL के सबसे सफल क्रिकेटर में से एक बने।

10. आरपी सिंह

आरपी सिंह ने 2005 में सौरव गांगुली की कप्तानी में भारत के लिए डेब्यू किया था। आरपी ज्यादा समय गांगुली की कप्तानी में नहीं खेले लेकिन उनकी शुरुआत में सौरव का अहम किरदार था। उन्होंने 19 साल के आरपी पर भरोसा किया और उन्हें बड़े स्तर पर मौका देना काफी फायदेमंद रहा। वो भारत के लिए खेलते हुए 124 विकेट प्राप्त करने में सफल रहे। ये भी पढ़ें:- वियान मुल्डर ने इस व्यक्ति के कहने पर नहीं तोड़ा ब्रायन लारा का नाबाद 400 रनों का रिकॉर्ड, हुआ बड़ा खुलासा