Entire Team Won Player Of The Match Award: क्रिकेट के खेल में आमतौर पर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अवॉर्ड किसी एक खिलाड़ी को दिया जाता है। ऐसा करके उस खिलाड़ी के खास प्रदर्शन को प्रोत्साहित किया जाता है। यह खिलाड़ी जीतने या हारने वाली किसी टीम का भी सदस्य हो सकता है। अकसर जीतने वाली टीमों का ही कोई खिलाड़ी इस अवॉर्ड का हकदार बनता है, लेकिन कई बार हारने वाली टीम के खिलाड़ी भी अपने प्रदर्शन के दम पर इस अवॉर्ड को हासिल कर लेते हैं। क्रिकेट के दीवाने बहुत कम लोगों को ही यह पता होगा कि एक बार एक टीम के सभी खिलाड़ी को यह अवॉर्ड दे दिया गया था।
यह बात 1999 की है, जब साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेली थी। यकीन ना करने वाला यह मैच सेंचुरियन में खेला गया था, जिसमें मेजबान टीम साउथ अफ्रीका ने 351 रन से जीत दर्ज की थी। मैच खत्म होने के बाद साउथ अफ्रीका के किसी एक नहीं बल्कि सभी खिलाड़ियों को मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया।
हैंसी क्रोनिए ने लिया था बड़ा फैसला
साउथ अफ्रीका की कमान तब हैंसी क्रोनिए के हाथों में थी। उन्होंने इस पर कहा कि टीम को जीत किसी एक खिलाड़ी नहीं बल्कि पूरी टीम के योगदान से मिली है, इसलिए इस अवॉर्ड पर किसी एक का नहीं बल्कि पूरी टीम का हक है। बता दें कि इस सीरीज में प्रोटियाज टीम ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए पांच मैचों की सीरीज में 5-0 से कब्जा किया था।
कैसा रहा टेस्ट मैच?
लगातार चार मैचों में जीत के बाद साउथ अफ्रीका की नजरें वेस्टइंडीज के खिलाफ व्हाइटवॉश पर थीं। पांचवें मैच में साउथ अफ्रीका ने पहले खेलते हुए मार्क बाउचर के शतक के दम पर 313 रन बनाए। टीम ने इसके बाद शानदार गेंदबाजी करते हुए वेस्टइंडीज को सिर्फ 144 रनों पर समेट दिया। दूसरी पारी में गैरी कर्स्टन और जोंटी रोड्स के शतक के दम पर प्रोटियाज टीम ने 399/5 के स्कोर पर पारी घोषित कर दी। वेस्टइंडीज की टीम दूसरी पारी में भी कुछ खास नहीं कर सकी और 217 रनों पर सिमट गई और यह मैच 351 रनों से हार गई।