Rajasthan Royals: आईपीएल का पहला खिताब जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स की बिक्री आधिकारिक तौर पर हो गई है. हालांकि इस मामले पर अंतिम फैसला अभी बाकी है. क्रिकबज के अनुसार ये सौदा कानूनी विवाद में फंस सकता है. सोमानी के नेतृत्व वाला ग्रुप, जो रविवार के घटनाक्रम से पहले 1.63 अरब डॉलर में फ्रेंचाइजी के अधिग्रहण को अंतिम रूप देने के बेहद करीब था. हालांकि अब इस मामले में नया मोड़ सामने आया है.
करीबी सूत्र ने किया खुलासा
राजस्थान रॉयल्स को लेकर एरिजोना स्थित बिजनेसमैन सोमानी के करीबी सूत्र ने बयाया "आज सुबह हमारी अमेरिका में कानूनी और जनसंपर्क विभाग से बात हुई है. हम अपने जनसंपर्क विभाग के बारे में फैसला ले रहे हैं. आज एक कानूनी पत्र भेजा जाएगा." सोमानी को राजस्थान रॉयल्स के अधिग्रहण के लिए अमेरिकी कारोबारी वॉलमार्ट के रॉब वाल्टन और डेट्रॉइट लायंस के मालिक हैम्प परिवार का समर्थन प्राप्त था. सूत्रों का कहना है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को भी एक पत्र भेजा जा सकता है. अब माना जा रहा है कि राजस्थान रॉयल्स से उनकी डील रद्द हो सकती है. इस डील के टूटने की कई वजह भी बताई जा रही है. सबसे बड़ा कारण ये है कि उन्हें भुगतान करने के लिए 1 महीने का समय दिया गया था. लेकिन उन्होंने इसमें देरी कर दी. सूत्रों का कहना है कि मौजूदा मुख्य मालिक मनोज बदले से उन्हें कुछ आपत्तियां थीं.
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इस मामले को सर्वाजनिक करना चाहिए-सूत्र
सूत्र ने आगे बताया, "हम अपने समूह के साथ इस पर चर्चा करेंगे कि क्या हमें इस मामले को सार्वजनिक करना चाहिए, क्योंकि इसमें कानूनी कार्यवाही शामिल होगी. हमारे पास कई सवाल थे, जैसे कि क्या बीसीसीआई का बकाया भुगतान किया गया है. हम कानूनी मामलों की स्थिति जानना चाहते थे. ऐसे सैकड़ों सवाल थे. हमारी तरफ से हम 10 दिनों के लिए कार्यवाही बंद करने को तैयार थे. जानबूझकर देरी की गई और फिर गुपचुप सौदेबाजी हुई."
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