Paris Paralympics 2024 में भारत ने इतिहास रचते हुए एक ही दिन में चौथा पदक जीत लिया है। भारत के लिए चौथा पदक मनीष नरवाल ने जीता है। उन्होंने ये मेडल शूटिंग की 10 मीटर एयर पिस्टल की स्पर्धा में जीता है। उन्होंने इस इवेंट में मनीष ने रजत पदक अपने नाम किया है। मनीष ने टोक्यो पैरालंपिक-2020 में भी भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता था। इस इवेंट में साउथ कोरिया के जो जोंकडू ने गोल्ड और चीन के यांग चाओ ने ब्रॉन्ज मेडल जीता।
जन्मजात बीमारी से गृसित थे मनीष
मनीष नरवाल का जन्म उनके दाहिने हाथ में विकृति के साथ हुआ था। ये उनके लिए दिल तोड़ देने वाला था। लेकिन, धीरे-धीरे वो एक खिलाड़ी बनने के अपने लक्ष्य में सफल रहे।। उन्होंने हाल ही में कहा था कि जब वह पहली कक्षा में सब बच्चों के साथ बैठे थे तो वो दूसरे बच्चों से अलग थे। उनके दाहिने हाथ में दिक्कत थी। इसे जानकर वह खूब रोया करते थे। यहां तक की वो लोगों के सामने आने में भी डरते थे।
पिता ने घर बेचकर दिलाई पिस्टल
मनीष अग्रवाल को फुटबॉल का खेल बहुत पसंद था। वह एक फुटबॉलर बनने का सपना ही पाले हुए थे लेकिन शारीरिक विकृति के कारण वो उसे अपने करिअर के रूप में अपनाने में असफल रहे। इसके बाद माता-पिता के समर्थन से उन्होंने एक करीबी दोस्त के सुझाव के बाद शूटिंग का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। उन्हें बल्लभगढ़ में ही कोच राकेश ठाकुर ने निशानेबाजी के गुर सिखाए। शूटिंग का खेल महंगा होने के कारण उन्हें काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इस खेल को जारी रखने के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की मोरनी की पिस्टल चाहिए थी। पिता का छोटे-मोटे पुर्जे बनाने का काम था। इससे पिस्टल नहीं आनी थी। पिता के पास एक छोटा मकान था। उन्होंने इसे सात लाख रुपये में बेचकर उन्हें पिस्टल दिलाई थी। इसके बाद मनीष ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार प्रतियोगिताओं में मेडल जीतते रहे।
पैरा शूटिंग में बना चुके हैं वर्ल्ड रिकॉर्ड
मनीष नरवालक ने पैरा-शूटिंग प्रतियोगिताओं में कई मेडल अर्जित किए हैं। उनके करियर के सबसे निर्णायक क्षणों में से एक 2021 पैरा शूटिंग विश्व कप में आया, जब उन्होंने P4 मिश्रित 50 मीटर पिस्टल SH1 इवेंट में 229.1 स्कोर के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करते हुए गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने सर्बिया के रस्तको जोकिक के वर्ल्ड रिकॉर्ड 228.6 स्कोर को तोड़ा था।
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