सुचिका तारियाल ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन किया और भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता. सुचिका मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में एशियन गेम्स मेडल जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन गईं. सुचिका ने महिलाओं की 60 किलोग्राम स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता और भारत का नाम रौशन कर दिया. सेमीफाइनल में सुचिका का सामना सिंगापुर की टेओ हुई हून से हुआ था. हालांकि ये मुकाबला ड्रॉ हुआ था. लेकिन रिजल्ट हून के पक्ष में गया, जिसके बाद सुचिका फूट फूट कर रोने लगीं.
क्यों रोईं सुचिका?
मैच में समय पूरा होने तक विजेता का फैसला नहीं हो पाया था. इसलिए मैच में एक और अतिरिक्त मिनट जोड़ा गया. आखिरी मिनट में टियो ने शानदार अटैक किया. लेकिन सुचिका ने टेकडाउन कर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया. मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ और दोनों ही खिलाड़ियों ने अपनी जीत का दावा किया.
हालांकि बाद में मुकाबले का रिजल्ट टेओ हुई हून के पक्ष में गिया और उन्हें विजेता घोषित कर दिया और इसके बाद भारतीय खेमे ने इस फैसले का विरोध किया. भारतीय खेमे की अपील के बाद 10 जजों ने नतीजे की समीक्षा की और अंत में रिजल्ट वजन के आधार पर निकाला गया. मैच के दिन जब दोनों खिलाड़ियों का वजन हुआ तब सुनिता का वजन 700 किलोग्राम अधिक था. इस लिहाज से सिंगापुर की एथलीट को विजेता घोषित किया गया.
जब सिंगापुर की एथलीट को विजेता घोषित किया गया तो सुचिका मैट पर बैठ गईं और फूट-फूट कर रो पड़ीं. उन्हें यकीन नहीं हुआ कि वह मुकाबला हार चुकी हैं. सिंगापुर की एथलीट टेओ हुई हून ने सुचिका से इस दौरान हाथ मिलाने की भी कोशिश की. लेकिन सुचिका ने उन्हें हाथ मिलाने से मना कर दिया. अंत में एक भारतीय कोच सुचिका को मैट से बाहर ले गए.
हरियाणा के रोहतक जिले के किलोई गांव की रहने वाली 36 वर्षीय सुचिका अब तक भारत के लिए कई मेडल जीत चुकी हैं. उन्होंने साल 2024 की जियू-जित्सु विश्व चैंपियन का खिताब जीता था. उन्होंने 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो में और 2022 के एशियाई खेलों में कुराश फाइटर के रूप में भी भारत की ओर से खेला था.
सुचिका ने क्या कहा?
मुकाबला हारने के बाद सुचिका ने पीटीआई को बताया “मैं आज के मुकाबले के रिजल्ट से थोड़ी नाराज हूं. क्योंकि मुझे लगा कि मैंने मुकाबला जीत लिया है. मैं इस रिजल्ट से असहमत हूं. मैं कह रही थी कि ये सही नहीं है. क्योंकि अगर आप एक खिलाड़ी को देखते हैं, तो वह हर जगह अपना 100 प्रतिशत देता है. और अगर आपको लगता है कि निर्णय अनुचित है, तो यह मेरा अधिकार है.”