FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 मौजूदा समय में अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में खेला जा रहा है. जहां पर कई स्टार खिलाड़ी अपना जलवा दिखा रहे हैं. फीफा की मैदान के बाहर भी अब तारीफ हो रही है. इस दौरान फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मुस्लिम खिलाड़ियों को अलग ही मैन ऑफ द मैच की ट्रॉफी दी जा रही है. इसके पीछे मुस्लिम खिलाड़ियों की धार्मिक मान्यता को कारण माना जा रहा है. फीफा के इस कदम की अब हर तरफ तारीफ हो रही है.
फीफा ने मुस्लिम खिलाड़ियों के लिए उठाया बड़ा कदम
2026 फीफा वर्ल्ड कप में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को जो मैन ऑफ द मैच की ट्रॉफी दी जा रही है, उसमें शराब कंपनी की ब्रांडिंग बनी हुई है. इ्स्लाम में शराब हराम है, जिसके कारण ही मुस्लिम खिलाड़ियों को जब मैन ऑफ द मैच की ट्रॉफी दी जा रही है उसमें ये ब्रांडिंग नहीं है. स्कॉटलैंड के खिलाफ मोरक्को के इस्माइल साबरी ने अच्छा प्रदर्शन किया. जिसके कारण ही मैन ऑफ द मैच अवार्ड मिला है. जिसमें बैकड्रॉप और ट्रॉफी के विजुअल्स से बीयर कंपनी की ब्रांडिंग और लोगो दोनों ही पूरी तरह से गायब है. फीफा ने इस सिंपल डिजाइन रखा है. जिसमें सुपीरियर मैन ऑफ द मैच लिखा हुआ है और फीफा वर्ल्ड कप 2026 का लोगो लगा हुआ है. वहीं बाकी खिलाड़ियों के लिए अवार्ड में शराब की कंपनी की ब्रांडिंग नजर आ रही है.
ये भी पढ़ें: 1699 रूपयों की दीवार ने रोका FIFA का ‘विजय रथ’, कैसे भारत बनेगा Football Nation?
इन मुस्लिम खिलाड़ियों को भी मिली अलग ट्रॉफी
मोरक्को के इस्माइल साबरी के अलावा भी कई और मुस्लिम खिलाड़ियों को ये अलग ट्रॉफी दी गई है. इस लिस्ट में मिस्र के इमाम अशूर, मोहम्मद सलाह, जॉर्डन के अली ओलवान, ईरान के रामिन रजाईयान, कतर के गोलकीपर महमूद अबुनादा और आइवरी कोस्ट के खिलाड़ी यान डियोमंडे का नाम भी शामिल हैं. हालांकि ये खिलाड़ी उसके बाद भी चर्चा का विषय नहीं है. मौजूदा समय में लियोनेल मेसी, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, किलियन एम्बाप्पे और हालैंड ही अपनी शानदार परफॉर्मेंस के कार छाए हुए हैं.
ये भी पढ़ें: कौन है घाना का ‘रहस्यमयी तांत्रिक’ क्वाकू बोंसाम? जिसने फुटबॉलर हैरी केन पर ‘जादू’ का दावा कर मचाई खलबली