India T20I Squad: बीसीसीआई ने शनिवार, 6 जून को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ-साथ एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टी20 टीम का ऐलान कर दिया है. IPL 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से तहलका मचाने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को इन तीनों ही भारतीय स्क्वॉड में जगह मिली. इसी के साथ वैभव टीम इंडिया के लिए सबसे कम उम्र में चुने जाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं.

हालांकि, सिर्फ वैभव ही नहीं, उनके साथ आईपीएल 2026 में कोहराम मचाने वाले एक और खिलाड़ी भी पहली बार टीम इंडिया में जगह बनाने में कामयाब रहे. इस खिलाड़ी ने पूरे सीजन अपनी रफ्तार और सटीक लाइन-लेंथ से बल्लेबाजों को खूब परेशान किया और सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा.

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प्रिंस यादव को पहली बार मिली टीम इंडिया में जगह

आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर होने वाली टी20 सीरीज के लिए लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया गया है. आईपीएल 2026 में प्रिंस ने अपनी धारदार गेंदबाजी से चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा और अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खुद को साबित करने का मौका मिला है. IPL 2026 प्रिंस यादव के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जहां उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया.

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प्रिंस ने सीजन के 14 लीग मैचों में 16 विकेट हासिल किए. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 32 रन देकर 3 विकेट रहा. पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 312 गेंदें फेंकीं और 459 रन खर्च करते हुए लगातार विकेट निकालने की अपनी क्षमता दिखाई. भले ही लखनऊ की टीम प्लेऑफ में जगह बनाने में सफल नहीं रही, लेकिन प्रिंस यादव के व्यक्तिगत प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया और अब उन्हें इसका बड़ा इनाम मिला है.

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IPL से टीम इंडिया तक का सफर

29 साल के प्रिंस यादव के लिए टीम इंडिया तक का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा. इसके पीछे उनका संघर्ष, धैर्य और कड़ी मेहनत है. घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद प्रिंस को लंबे समय तक वह पहचान नहीं मिली, जिसके वह हकदार थे. हालांकि, उनकी जिंदगी ने तब नया मोड़ लिया, जब लखनऊ सुपर जायंट्स के स्काउट्स की नजर उनकी तेज रफ्तार गेंदबाजी पर पड़ी. आईपीएल में मौका मिलने के बाद उन्होंने इस अवसर का पूरा फायदा उठाया और अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया.

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मेंटर्स और कोचों की देखरेख में प्रिंस ने अपनी गेंदबाजी को और निखारा. शुरुआत में एक अनकैप्ड खिलाड़ी के तौर पर टीम से जुड़े प्रिंस सीजन खत्म होते-होते LSG के प्रमुख तेज गेंदबाज बन गए. अब जल्द ही वह टीम इंडिया की जर्सी में खेलते हुए नजर आएंगे.

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पिता चाहते थे पुलिस में जाएं

प्रिंस यादव के पिता राम निवास यादव नजफगढ़ में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) में सहायक उप-निरीक्षक (ASI) के पद पर कार्यरत थे. उनकी इच्छा थी कि बेटा भी पुलिस की नौकरी करे और सुरक्षित भविष्य बनाए. उन्होंने प्रिंस को कांस्टेबल भर्ती की शारीरिक परीक्षा में भी शामिल कराया था. हालांकि, प्रिंस का सपना कुछ और था. वह क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बनाना चाहते थे.

बचपन से ही उन्हें क्रिकेट से गहरा लगाव था और वह ज्यादातर टेनिस बॉल टूर्नामेंट खेला करते थे. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने 18 साल की उम्र में पहली बार लेदर बॉल से गेंदबाजी शुरू की. परिवार की चिंताओं के बावजूद प्रिंस ने अपने सपने का पीछा नहीं छोड़ा. उन्होंने अपने पिता को भरोसा दिलाया कि वह क्रिकेट में कुछ बड़ा करके दिखाएंगे और आखिरकार उन्होंने अपने वादे को सच साबित कर दिया.

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दिल्ली प्रीमियर लीग से मिली नई पहचान

प्रिंस यादव के क्रिकेट करियर में एक मुश्किल दौर भी आया, जब उम्र संबंधी विवाद के चलते दिल्ली के कई खिलाड़ियों के साथ उन पर भी दो साल का बैन लगा दिया गया. हालांकि, प्रतिबंध खत्म होने के बाद दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) ने प्रिंस को खुद को साबित करने का बड़ा मंच दिया. उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी से सभी का ध्यान खींचा और 10 मैचों में 13 विकेट लेकर चयनकर्ताओं को प्रभावित किया.

इसके बाद 2024 में उन्होंने दिल्ली के लिए रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया. वहीं सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2024-25 में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 मैचों में 11 विकेट झटके. इस दौरान उनका इकोनॉमी रेट 7.54 का रहा. उन्होंने अब तक खेले 35 टी20 मैचों में 38 विकेट हासिल कर चुके हैं.

आयरलैंड और इंग्लैंड T20 सीरीज के लिए भारतीय टीम

श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उपकप्तान), नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और वैभव सूर्यवंशी.

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