Bengaluru stampede: 3 जून को आईपीएल 2025 का खिताब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने अपने नाम किया था। 18 साल बाद आरसीबी ने पहली ट्रॉफी अपने नाम की थी। ऐसे में 4 जून को टीम ने बेंगलुरु में जश्न मनाने का फैसला किया। हालांकि ये खुशी मातम में बदल गई। क्योंकि बेंगलुरु में जश्न मनाने के लिए इकट्ठा हुए लाखों फैंस के बीच अचानक भगदड़ मच गई थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद 5 जून को आरसीबी मैनेजमेंट और कर्णाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) पर केस दर्ज हुआ था। 6 मई की सुबह आरसीबी के 4 अधिकारियों को गिरफ्तार भी किया गया था। हालांकि अब बेंगलुरु भगदड़ मामले पर केएससीए के अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है।

9 जून को होगी सुनवाई

बेंगलुरु भगदड़ मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है। दरअसल कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के अधिकारियों को गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया है, क्योंकि उन्होंने इस घटना को लेकर केएससीए प्रबंधन के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने की मांग करते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। इसके अलावा आरसीबी के मार्केटिंग और रेवेन्यू हेड निखिल सोसले को 6 मई की सुबह एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया, जब वह दुबई जा रहे थे। इसके बाद उन्होंने कर्णाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। निखिल ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है। इस मामले पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि आज सुबह आरोपी निखिल को दुबई जाते समय गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि जांच जारी रहने दें। गिरफ्तारी तभी होगी जब जरूरत होगी। हालांकि कर्नाटक हाईकोर्ट निखिल सोसले की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर 9 जून को सुनवाई करेगा।