RCB Losing Because of Foreign Players: आईपीएल 2024 आरसीबी के लिए अभी तक काफी खराब रहा है। बेंगलुरु को शुरुआती 5 मैचों में से 4 मैच गंवाने पड़े हैं। ऐसे में प्वाइंट्स टेबल में भी आरसीबी की स्थिति काफी खराब है। बेंगलुरु 5 मैचों में से एक मैच जीतकर 8वें स्थान पर है। विराट कोहली का बल्ला तो इस आईपीएल सीजन में खूब चमक रहा है, लेकिन आरसीबी के लिए जितने भी विदेशी खिलाड़ी हैं, उनका प्रदर्शन बहुत खराब रहा है। आज हम आपको विराट कोहली के आंकड़े की तुलना आरसीबी के बाकी विदेशी खिलाड़ियों से करके बताने वाले हैं, ये आंकड़े आपको हैरान कर सकते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि अकेले विराट कोहली ‘सीजीएफ’ पर भारी पड़ गए हैं।
पूरी तरह से फ्लॉप हैं फाफ और ग्लेन
आरसीबी के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ शतकीय पारी खेली है। इस मैच में कोहली ने महज 72 गेंदों में 113 रनों की पारी खेली है। इस दौरान उनके बल्ले से 12 चौके और 4 शानदार छक्के निकले थे। इसके साथ ही कोहली ने ऑरेंज कैप पर अपनी पकड़ और अधिक मजबूत बना ली है। कोहली ऑरेंज कैप की रेस में सबसे आगे हैं। विराट ने इस सीजन अभी तक कुल 5 मुकाबले खेले हैं, जिसमें उनके बल्ले से 316 रन निकले हैं। कोहली के अलावा आरसीबी के अन्य बल्लेबाजों के आंकड़े देख आप हैरान हो जाएंगे। आरसीबी के लिए खेलने वाले साउथ अफ्रीकी कप्तान फाफ डू प्लेसिस ने 5 मैचों में 109 रन बनाए हैं। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल का बल्ला भी इस सीजन पूरी तरह खामोश है। मैक्सवेल ने अभी तक खेले गए 5 मैचों में सिर्फ 32 रन बनाए हैं।
ग्रीन का भी नहीं दिखा रंग
ऑस्ट्रेलिया के ही एक और ऑलराउंडर खिलाड़ी कैमरून ग्रीन भी अच्छे फॉर्म में नहीं चल रहे हैं। ग्रीन ने भी सभी 5 मुकाबले खेले हैं, जिनमें उनके बल्ले से सिर्फ 68 रन निकले हैं। इन तीनों विदेशी खिलाड़ी ने मिलकर आईपीएल 2024 में खेले गए कुल 5 मैचों में 209 रन बनाए हैं और कोहली ने अकेले इस सीजन 316 रन बना दिए हैं। इसी से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कोहली कितने शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। किंग कोहली अकेले ही ‘सीजीएफ’ (कैमरून ग्रीन, ग्लेन मैक्सवेल और फाफ डू प्लेसिस) को पीछे छोड़ दिया है।
पाटीदार गंवा चुके हैं 5 मौके
इसके अलावा आरसीबी में रजत पाटीदार को भी सभी 5 मैच खेलने का मौका मिला है। पादीटार भी इस सीजन पूरी तरह से फ्लॉप साबित हो रहे हैं। रजत के बल्ले से 5 मैचों में अभी तक सिर्फ 50 रन निकले हैं। अगर इन चारों बल्लेबाजों के रन भी जोड़ दिए जाएं, तो भी सिर्फ 259 रन होते हैं, कोहली के अकेले 316 रन हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा, तो आरसीबी के लिए वापसी करना भी मुश्किल हो जाएगा। बेंगलुरु की टीम अकेले विराट कोहली पर निर्भर नहीं रह सकती है।